वर्तमान में हमारी मध्य प्रदेश सरकार जो लोक कल्याणकारी हैं कोरोना के भर्ती मरीज़ों को अलग अलग  मेनू के अनुसार खाना दे रही हैं जो अत्यंत प्रशंसनीय हैं और शासन की जिम्मेदारी हैं कि उनका विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। वैसे खान पान पहनावा हर व्यक्ति कि अपनी स्वतंत्रता हैं पर क्या हानिकारक सामग्री परोसना इतना जरुरी हैं के वे आयी बीमारियों से भी ग्रसित हों। कोरोना एक प्रकार से श्वसन संसथान का रोग हैं इसमें ऐसे भोज्य सामग्री देना उचित हो जो मरीज़ों को लाभकारी हो। मांसाहारी अपने घरों में कुछ भी कैसा खाये पर जहाँ अस्पताल हैं वहां सभी वर्ग के लोग भर्ती हो वहां ऐसे हानिकारक भोज्य दिया जाना उचित नहीं हैं। 
इस समय मरीज़ों की रोग प्रतिरोगक्षमता कमजोर होती हैं, उन्हें मांस मछली  अंडा कि जगह अन्य पौष्टिक आहार हो हानिरहित हो देना चाहिए, प्रोटीन के लिए मूंगफली चना, सोयाबीन  की बर्फी देना उचित और लाभदायक हैं। एक तरफ सरकार अंहिंसा कि बात करती दूसरी तरफ शराब, अंडा, मांस, मच्छली कि वकालत करती हैं। हमारे यहाँ पौष्टिक भोजन के लिए अनेकों खाद्य हैं। उनका भरपूर उपयोग करे और कराएं अंडा खाओ हृदय कैंसर, एलर्जी आदि घातक रोग बुलाओ। वैसे हमारे देश में बिक्री बढ़ाने ऑफर दिए जाते हैं। वैसे ही कोरोना के साथ कैंसर, हृदय रोग मुफ्त में ले जाओं।