रोहतक। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच वैक्सीन को लेकर भी उम्मीदें बढ़ने लगी हैं। पीजीआई रोहतक में कोवैक्सीन के मानव परीक्षण के फेज-1 का पहला हिस्सा संपन्न कर लिया गया। टीका परीक्षण टीम की मुख्य जांचकर्ता डॉ. सविता वर्मा ने यह जानकारी दी है। न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा कि शनिवार को फेज-1 के दूसरे चरण में छह लोगों को टीका लगाया गया है।
उन्होंने कहा, 'कोवैक्सीन के ह्यूमन ट्रायल के पहले चरण का पहला हिस्सा संपन्न हो गया है। देश में 50 लोगों को वैक्सीन दिया गया है। इसके परिणाम उत्साहवर्धक हैं। शनिवार को 6 लोगों को दूसरे हिस्से के परीक्षण के दौरान टीका दिया गया।'
कोवैक्सीन इंडिया का पहला टीका है, जिसे परीक्षण की इजाजत दी गई। पीजीआई रोहतक में 17 जुलाई को इसका परीक्षण शुरू किया गया। इस दिन 3 लोगों को टीका दिया गया था।
दिल्ली एम्स में भी कोवेक्सिन' के मनुष्य पर क्लीनिकल ट्रायल का पहला चरण शुक्रवार (24 जुलाई) को शुरू हो गया। 30 से 40 साल की बीच की उम्र के एक व्यक्ति को पहला इंजेक्शन लगाया गया। एम्स में परीक्षण के लिए पिछले शनिवार (18 जुलाई) से 3,500 से अधिक लोग अपना पंजीकरण करा चुके हैं, जिनमें से कम से कम 22 की स्क्रीनिंग चल रही है। यह जानकारी एम्स में सामुदायिक चिकित्सा केंद्र के प्रोफेसर और मुख्य अध्ययनकर्ता डॉ संजय राय ने दी।
आपको बता दें कि कोवाक्सिन को हैदराबाद की भारत बायोटेक ने आईसीएमआर तथा राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान के साथ मिलकर विकसित किया है। इसके मानव परीक्षण की मंजूरी भारतीय औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) ने हाल में दी थी।