पटना बिहार की दो सीटों कुशेश्वरस्थान और तारापुर पर उपचुनाव को लेकर महागठबंधन के अंदर चल रही खींचतान अब खुलकर सामने गई है। राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव  की सहमति के बाद पार्टी ने दोनों सीटों पर उम्मीदवार घोषित कर कांग्रेस को झटका दे दिया। राजद के इस स्टैंड को कांग्रेस ने गलत करार दिया और दोनों सीटों से अपने कैंडिडेट की घोषणा कर दी। महागठबंधन की इस रस्साकशी के बीच हिन्दुस्तानी आवाम पार्टी  के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने लालू यादव पर सियासी हमला किया है। मांझी ने बुधवार को ट्वीट कर लिखा है कि, लालू प्रसाद का ये डर अच्छा है। 

'लालू यादव का ये डर अच्छा है'

बिहार की दो विधानसभा सीटों पर 30 अक्टूबर को उपचुनाव होने हैं। इसको लेकर सियासी दल अपनी अपनी तैयारियों में जुट गए हैं। सियासी बयानबाजी का दौर भी तेजी से शुरू हो गया है। इसी सिलसिले में हिन्दुस्तानी आवामी मोर्चा के अध्यक्ष और बिहार के पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने राजद सुप्रीमो लालू यादव पर बड़ा हमला किया है। मांझी ने बुधवार को ट्वीट कर लिखा है कि, जब लालू यादव अघोषित सीएम थे, उस दौरान मैंने दशरथ मांझी जी को सम्मान देने के लिए कई बार कहा, लेकिन उनका जवाब ही अलग था। मांझी ने आगे लिखा है कि, लालू यादव का ये डर अच्छा है। 

जातीय समीकरण पर लालू ने की थी चर्चा

मंगलवार को आरजेडी के दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर को दिल्ली से लालू यादव ने वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया था। इस दौरान लालू यादव ने उपचुनाव को लेकर चर्चा की थी। उन्होंने कहा था कि, जब मैं बिहार का सीएम था तो उस वक्त समाज में सबसे पिछड़ी कहे जानी वाली मुसहर जाति के लिए बहुत सारे काम किए थे। उपचुनाव को लेकर जातीय समीकर बताते हुए राजद सुप्रीमो ने कहा था कि, कुशेश्वरस्थान विधानसभा में यादव, अन्य जाति के साथ-साथ मुसहर जाति की भी अच्छी आबादी है। पार्टी ने गणेश भारती को इस वजह से टिकट दिया गया है, ताकि, इस इलाके के पिछड़े लोगों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ा जा सके।