ग्वालियर । मध्यप्रदेश की ग्वालियर हाईकोर्ट की डबल बेंच ने ग्वालियर-चंबल अंचल में राजनीतिक सभाओं पर शिकंजा कसा है। कोर्ट ने बुधवार को केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने कमलनाथ की भांडेर में हुई रैली और तोमर की ग्वालियर में हुई रैली को आधार बनाया है। कोर्ट ने यह भी कहा कि केस दर्ज करने के साथ कलेक्टर 2 दिन बाद यानी 23 अक्टूबर को हाईकोर्ट में रिपोर्ट पेश करें। कोर्ट ने आदेश में कहा कि पार्टियों की वर्चुअल मीटिंग संभव नहीं होने पर ही सभा और रैलियां हो सकेंगी। इसके लिए चुनाव आयोग की अनुमति लेनी होगी।
याचिका पर सुनवाई जस्टिस शील नागू और जस्टिस राजीव कुमार श्रीवास्तव ने की। अधिवक्ता आशीष प्रताप सिंह ने कोविड-19 की गाइडलाइन का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर जनहित याचिका दायर की थी। मंगलवार को इस मामले में हाईकोर्ट में बहस हुई थी। याचिकाकर्ता के वकील सुरेश अग्रवाल ने बताया कि कोर्ट के आदेश का पूरा पालन नहीं हुआ है। याचिकाकर्ता ने जिनके खिलाफ केस दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया था, उन सभी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। शासन की ओर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए महाधिवक्ता पुरुषेन्द्र कौरव ने कार्रवाई का भरोसा दिया।
महाधिवक्ता ने कहा कि केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के खिलाफ कोविड-19 की गाइडलाइन के उल्लंघन के मामले में केस दर्ज किया जाएगा। इस संबंध में ग्वालियर और दतिया कलेक्टर को निर्देशित भी किया जा चुका है। केस दर्ज कर अगली तारीख पर रिपोर्ट पेश करनी होगी। 23 अक्टूबर को याचिका की फिर से सुनवाई होगी। कोर्ट ने प्रिसिंपल रजिस्ट्रार को आदेश की कॉपी ग्वालियर-चंबल संभाग के 8 कलेक्टर और विदिशा कलेक्टर को भेजने के निर्देश दिए हैं।