नई दिल्ली । दिल्ली की सीमाओं को सील किए जाने के दिल्ली सरकार के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से कहा कि जो लोग इलाज करवाने के लिए दिल्ली आना चाहते हैं उन्हें सरकार ना रोके। इस बारे में नोटिफिकेशन भी जारी करें। इस बात की सूचना अपनी वेबसाइट पर अपलोड करें।

चीफ जस्टिस डीएन पटेल की अध्यक्षता वाली बेंच ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हुई सुनवाई के बाद दिल्ली हाईकोर्ट को ये निर्देश दिया। सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार ने कहा कि बाहर के लोगों को दिल्ली के अस्पतालों में इलाज के लिए दिल्ली आना है तो उनको ई‑पास दिए जा रहे हैं। जिन्हें इलाज कराना है और जरूरी काम से आना है उन्हें दिल्ली आने की मनाही नहीं है। उसके बाद हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार से कहा कि जो लोग इलाज करवाने के लिए दिल्ली आना चाहते हैं उन्हें सरकार ना रोके। इस बारे में नोटिफिकेशन भी जारी करें। इस बात की सूचना अपनी वेबसाइट पर अपलोड करें।

सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार ने कहा कि एनसीआर के शहरों का प्रशासन कोई पास देता है तो वे भी मान्य होंगे। याचिका वकील कुशाग्र कुमार ने दायर किया थी। याचिका में कहा गया था कि जो लोग एनसीआर में रहते हैं और दिल्ली में काम करते हैं वे अपनी नौकरी पर दिल्ली नहीं जा सकते हैं। दिल्ली के आसपास रहनेवाले लोग दिल्ली में जाकर अपना इलाज भी नहीं करा पाएंगे। याचिका में कहा गया था कि दिल्ली सरकार का फैसला संविधान का उल्लंघन है। दिल्ली सरकार का फैसला अनुच्छेद 14, 19 और 21 का उल्लंघन है।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक जून से दिल्ली की सीमाओं को सील करने का आदेश दिया था। केवल आवश्यक सेवाओं को ही छूट दी गई थी। इससे उन लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है जो रहते तो एनसीआर में हैं लेकिन नौकरी दिल्ली में करते हैं। दिल्ली के अस्पतालों में जाकर इलाज कराने के लिए भी प्रवेश नहीं दिया जा रहा है।