नई दिल्ली । कोविड-19 महामारी की वजह से वैश्विक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) प्रवाह में 2020 की पहली छमाही में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 49 फीसदी की गिरावट आई है। विकासशील देशों के मुकाबले विकसित अर्थव्यवस्थाओं में यह प्रभाव अधिक गहरा रहा। संयुक्त राष्ट्र के ताजा व्यापार आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है। संयुक्त राष्ट्र व्यापार एवं विकास सम्मेलन (अंकटाड) द्वारा जारी वैश्विक निवेश रुख को दर्शाने वाले आंकड़ों के अनुसार महामारी की वजह से दुनियाभर में लागू लॉकडाउन से मौजूदा निवेश परियोजनाओं की रफ्तार सुस्त हुई और गहरी मंदी की आशंका को देखते हुए बहुराष्ट्रीय कंपनियों को अपनी नई परियोजनाओं का नए सिरे से आकलन करना पड़ा। अंकटाड के निवेश एवं उपक्रम निदेशक जेम्स झान ने कहा कि, एफडीआई में गिरावट हमारे अनुमान से कहीं अधिक रही है। विशेष रूप से विकसित अर्थव्यवस्थाओं में यह अधिक रही। वहीं, साल की पहली छमाही में विकासशील अर्थव्यवस्थाओं ने इस झटके का अधिक बेहतर तरीके से सामना किया। आगे का परिदृश्य अनिश्चित बना हुआ है। रिपोर्ट में कहा गया है कि विकसित अर्थव्यवस्थाओं में एफडीआई में अधिक गिरावट आई है।