जयपुर. राजस्थान में छाये सियासी संकट (Political crisis) के बीच बसपा विधायकों के कांगेस में विलय के मामले में बुधवार को हाई कोर्ट (High Court) में सुनवाई के बाद विधानसभा स्पीकर को नोटिस जारी किया गया है. हाई कोर्ट ने स्पीकर को गुरुवार को सुबह तक जवाब देने के निर्देश दिये हैं. अब गुरुवार को सुबह 10:30 बजे फिर से इस पर सुनवाई होगी.

एकलपीठ ने 30 जुलाई को नोटिस जारी किए थे
हाई कोर्ट में इस मामले में बसपा और बीजेपी विधायक मदन दिलावर की ओर से दायर अपील पर मुख्य न्यायाधीश इंद्रजीत माहन्ती और जस्टिस प्रकाश गुप्ता की बैंच ने सुनवाई की. इस मामले में बसपा और दिलावर दोनों ने एकलपीठ के फैसले को चुनौती दे रखी है. पहले एकलपीठ ने इस मामले में सुनवाई के बाद 30 जुलाई को नोटिस जारी किए थे. लेकिन विलय के फैसले पर स्टे देने से इनकार कर दिया था.

इसलिये दी खंडपीठ में चुनौती
उल्लेखनीय है कि बीजेपी के विधायक मदन दिलावर और बहुजन समाज पार्टी ने मंगलवार को राजस्थान हाईकोर्ट की खंडपीठ के समक्ष याचिका दायर कर एकल पीठ के फैसले को चुनौती दी थी. बीजेपी विधायक दिलावर और बसपा की याचिकाओं पर न्यायधीश महेन्द्र कुमार गोयल की एकल पीठ ने 30 जुलाई को विधानसभा अध्यक्ष, विधानसभा के सचिव और बसपा छोड़ने वाले छह विधायकों नोटिस जारी कर 11 अगस्त तक उसका जवाब देने को कहा था. लेकिन कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को अंतरिम राहत देने और बसपा के छह विधायकों के कांग्रेस विधायक के तौर पर सदन की कार्यवाही में हिस्सा लेने से रोकने की दलील को स्वीकार नहीं किया. इससे पहले मदन दिलावर और बसपा ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाकर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी के सितंबर 2019 के निर्णय को चुनौती दी थी, जिन्होंने उन्होंने बसपा के छह विधायकों को कांग्रेस में शामिल करने की अनुमति दे दी थी.