रायपुर :  मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशानुरूप ग्रामोद्योग मंत्री गुरु रूद्रकुमार  की पहल पर हस्तशिल्पकारों के हुनर को नई पहचान मिल रही है। हस्तशिल्प विकास बोर्ड द्वारा संचालित प्रशिक्षण केंद्रों में शीसल शिल्प, बेलमेटल शिल्प और बांस शिल्पकला के नए शिल्पियों के हुनर को निखारने प्रशिक्षण दे रहा है।

    छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड के महाप्रबंधक (विकास) श्री शंकर लाल धुर्वे ने बताया कि बस्तर संभाग के जिला बस्तर के ग्रामीण क्षेत्रों में हस्तशिल्प कला के विकास-विस्तार और हस्तशिल्प कला से जुड़े लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने शीसल शिल्प, बेलमेटल शिल्प और बांस शिल्पकला के 60 नए हितग्राहियों को 3 माह का प्रशिक्षण जुलाई के प्रथम सप्ताह से दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बस्तर जिले में शीसल शिल्प कला के 20 प्रशिक्षार्थियों को ग्राम पंचायत गरावण्डकला के ग्राम पुजारीगुड़ा में एक जुलाई से 30 सितम्बर तक, बेलमेटल शिल्प कला के 20 प्रशिक्षार्थियों को गुनपुर ग्राम पंचायत के ग्राम आलवाही में 2 जुलाई से एक अक्टूबर तक और ग्राम पंचायत तारागांव में संचालित केन्द्र में 3 जुलाई से 2 अक्टूबर तक विभाग द्वारा संचालित प्रशिक्षण केन्द्रों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान सभी प्रशिक्षार्थियों को 1500 रूपए प्रतिमाह छात्रवृत्ति और कच्चा माल निःशुल्क प्रदान किया जाएगा।