नई दिल्ली। माल एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद की अगली बैठक 12 जून को होनी तय है। इस बैठक में कोविड‑19 की वजह से लागू लॉकडाउन का कर राजस्व पर प्रभाव की समीक्षा की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अगुवाई में जीएसटी परिषद (काउंसिल) की 40वीं बैठक वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए होगी। इस बैठक में राज्यों के वित्त मंत्री भी भाग लेंगे।

सूत्रों ने बताया कि इस बैठक में कोविड‑19 की महामारी और देशव्यापी लॉकडाउन की वजह से केंद्र और राज्यों के राजस्व पर पड़ने वाले असर और इसकी भरपाई के बारे में विचार‑विमर्श किया जाएगा। गौरतलब है कर संग्रह के खराब आंकड़ों तथा रिटर्न दाखिल करने की तारीख आगे बढ़ाए जाने की वजह से सरकार ने अप्रैल और मई महीने के जीएसटी संग्रह के आंकड़े जारी नहीं किए हैं।

इसके अलावा परिषद की बैठक में जीएसटी क्रियान्वयन की वजह से राज्यों को होने वाले राजस्व नुकसान की भरपाई के लिए कोष जुटाने के उपायों पर भी चर्चा होगी। दरअसल जीएसटी परिषद की पिछली 14 मार्च को हुई बैठक में सीतारमण ने कहा था कि केंद्र सरकार जीएसटी परिषद द्वारा मुआवजे की जरूरत को पूरा करने के लिए बाजार से कर्ज जुटाने की कानूनी जरूरतों पर गौर करेगी।

उललेखनीय है कि जीएसटी कानून के तहत राज्यों को जीएसटी के क्रियान्वयन के पहले 5 साल तक राजस्व नुकसान की भरपाई की गारंटी दी गई है। मुआवजे की गणना 2015–16 को आधार वर्ष पर राज्यों के जीएसटी संग्रह में सालाना 14 फीसदी की बढ़ोतरी के अनुमान के आधार पर की जाती है।