.हरी सब्जियां खाना सेहत के लिए फायदेमंद होता है। इनमें पोषक तत्व भरपूर मात्रा में होते हैं जिससे शरीर हेल्दी रहता है लेकिन हाल ही में एक ऐसा मामला सामने आया है जो आपको भी सब्जियां खाने से पहले सोच में डाल देगा। दरअसल, हरी पत्तेदार सब्जियों और मांस टेपवर्म नाम का एक कीड़ा पाया गया है जो आपको बीमार कर सकता है। इतना ही नहीं, इसके कारण आपकी जान भी जा सकती है।

टेपवर्म एक तरह का कीड़ा होता है, जो ज्यादातर हरी-पत्तेदार सब्जियों और दूषित पानी में पाया जाता है। टेपवर्म खाने-पीने की चीजों जैसे- जानवरों के मांस, पालक, पत्तागोभी, पानी आदि के द्वारा मनुष्यों के शरीर में पहुंच जाते हैं और आंतों में प्रजनन के द्वारा अपनी संख्या तेजी से बढ़ाते जाते हैं। धीरे-धीरे ये कीड़े खून के माध्यम से दिमाग तक पहुंच जाते हैं जिससे व्यक्ति की जान भी जा सकती है।

संक्रमित कबाब खाने से हुई लड़के की मौत
कुछ समय पहले फरीदाबाद में रहने वाले लड़के की टेपवर्म से संक्रमित कबाव खा लिया था। तबीयत खराब होने पर जब उसे अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी एमआरआई हुई। जांच में यह बात सामने आई कि कबाब के जरिए लड़के के शरीर में टेपवर्म कीड़े पहुंच गए थे, जो मस्तिष्क तक फैल गए थे। कुछ समय बाद उसकी हालत गंभीर हो गई और फिर उसकी मौत हो गई। यह कीड़ें लड़के के दिमाग के अलावा लगभग सभी हिस्सों में पाए गए।


2 सप्ताह में ही दिमाग तक फैल गया था वायरस
टेपवर्म के इस मरीज के दिमाग और आंखों में बहुत ज्यादा मात्रा में सिस्ट मौजूद थे इसलिए उसे एंटीपैरासिटिक दवाएं नहीं दी गई। इसके कारण इसके दिमाग व आंखों में सूजन भी आ गई थी। अगर उसे कोई भी दवा दी जाता तो वह अंधा हो सकता था। हालांकि बावजूद इसके उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। बता दें कि लड़के ने 2 हफ्ते पहले ही संक्रमित कबाब खाया था, जिसके कारण उसे अपनी जान गवांनी पड़ी।

यूं फैलता है इंफैक्शन
सुअरों से टेपवर्म एग्स (बैक्टीरिया) उनके मल के जरिए बाहर निकलते हैं, जो पानी दूषित करते हैं। इसी पानी के संपर्क में आने वाले मांस-मछली, बिना धुली और कच्ची सब्जियां भी दूषित हो जाती है। इनके जरिए यह बैक्टीरिया शरीर में प्रवेश करता है। यह टेपवर्म शरीर में पहुंचकर आंतों में पनपने लगता है। अडल्ट टेपवर्म अंडे देता है, जो खून के सहारे पूरे शरीर में फैलकर दिमाग, लीवर व दिल में घर बना लेता हैं।

आसानी से दिखाई नहीं देते ये कीड़े
पत्तों में पाए जाने वाले इन 'टेपवर्म' (हरे रंग के कीड़े)  को आप ना चाहते हुए भी पकाकर खा जाते हैं क्योंकि यह सब्जियां धोने व पकाने पर आसानी से नहीं निकलते। यह जीवाणु अधिक से अधिक तापमान को भी सहन कर सकते हैं। पकड़ में ना आने वाला ये कीड़े पेट में जाने के बाद रक्त-वाहिका के रास्ते दिमाग तक पहुंच जाते हैं।


इन चीजों से रहें दूर
इससे बचने के लिए जरूरी है कि आप मीट, मछली, पालक, पत्तागोभी और पत्ते वाली किसी भी सब्जी का सेवन ना करें। कच्ची मछली से बनने वाली सुशी खाने में भी यही खतरा रहता है। डॉक्टरों ने बताया, 'सिस्टसरकोसिस के सामान्य लक्षण दौरा पड़ना और मिर्गी होता है।' 2016 में हुए एक रिसर्च के मुताबिक भारत में मिर्गी का यह सबसे आम कारण है।

टेपवर्म के सामान्य लक्षण
यह आंतो को पहला शिकार बनाता है। इसके कारण कई समस्याएं उत्पन्न हो जाती है जैसे -

-पेट दर्द
-डायरिया
-शारीरिक कमजोरी
-उल्टी आदि
-सिरदर्द
-चक्कर आना
-बेहोशी
-सांस लेने में तकलीफ आदि।

सब्जियों से कैसे खत्म करें यह कीड़े?
सब्जियों को काटने से पहले गर्म पानी में पोटैशियम परमैंगनेट मिलाकर भिगो दें। अब इन्हें दोबारा गर्म पानी से धोएं। इससे इन कीड़ों का असर कुछ हद तक कम हो जाता है। कई बार बड़े कीड़े पानी के साथ निकल भी जाते हैं लेकिन छोटे जीवाणु और अंडे, सब्जी में ही चिपके रह जाते हैं। ऐसे में बेहतर होगा कि आप सब्जियों का सेवन न करें, खासकर बरसाती मौसम में।

कैसे करें बचाव
-फास्ट फूड जैसे मोमोज, चाउमीन और अन्य ऐसे फूड्स जिसमें कच्ची सब्जियों का इस्तेमाल किया गया हो, उन्हें ना खाएं।
-कच्ची पत्तागोभी से पूरी तरह परहेज कर लें।
-हरी पत्तेदार सब्जियों को बनाने से पहले गर्म पानी में अच्छी तरह उबाल लें।
-नॉन-वेज को अच्छी तरह पकाकर ही खाएं। अधपके मांस में इन वायरस के होने की आशंका बहुत ज्यादा होती है।
-सब्जियों और मांस की खरीदते समय जगह की सफाई का खास ध्यान रखें।
-गंदी जगह से ली हुई सब्जियों में इन वर्मस के होने की ज्यादा संभावना होती है इसलिए अच्छी और साफ-सुथरी जगह से ही सा