नई ‎दिल्ली । केंद्र सरकार ने राज्यों को खुदरा बिक्री के लिए प्रसंस्कृत मूंग और उड़द दाल सब्सिडी दरों पर उपलब्ध कराने की तैयारी की है। उपभोक्ता मामलों की सचिव लीना नंदन ने कहा कि इससे दलहन कीमतों में वृद्धि को रोकने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्यों को मूंग दाल 92 रुपए प्रति किलोग्राम तथा उड़द 84 से 96 रुपये प्रति किलोग्राम के मूल्य पर उपलब्ध कराई जाएगी। यह मौजूदा बाजार दरों से काफी कम है। नंदन ने कहा ‎कि यह खुदरा मूल्य में बढ़ोतरी को रोकने की नई व्यवस्था है, जिसे मंत्री समूह ने हाल में मंजूरी दी है। इस पहल के तहत केंद्र सरकार ने राज्यों को प्रसंस्कृत मूंग और उड़द दाल थोक मात्रा में या एक अथवा आधा किलो के पैक में उपलब्ध कराने की पेशकश की है। उन्होंने बताया कि राज्यों को ये दालें मूल्य स्थिरीकरण कोष (पीएसएफ) के तहत गठित बफर स्टॉक से उपलब्ध कराई जाएंगी। राज्य अपनी जरूरत का आकलन कर अग्रिम भुगतान के बाद इनका उठाव कर सकते हैं। 
नंदन ने कहा कि इन दालों की पेशकश सब्सिडी वाली दरों पर नई फसल की आवक तक दो महीने के लिए की जाएगी। इसमें न्यूनतम समर्थन मूल्य और अन्य शुल्क शामिल होंगे। मूंग के लिए ऑर्डर 14 सितंबर को जारी किया जा चुका है। वहीं उड़द के लिए यह प्रक्रिया में है। सचिव ने बताया कि प्रसंस्करण, उठाव तथा परिवहन के शुल्क के साथ डीलर का मार्जिन केंद्र वहन करेगा। पहले कभी ऐसा नहीं किया गया है। उन्होंने कहा हम इन दालों की पेशकश एमएसपी के साथ अन्य शुल्क जोड़कर कर रहे हैं। उदाहरण के लिए राज्यों को मूंग दाल 92 रुपए प्रति किलो के भाव पर दी जाएगी। जबकि इसका औसत खुदरा बाजार भाव करीब 100 रुपये प्रति किलो है। उन्होंने कहा कि इसी तरह राज्यों को बफर स्टॉक से उड़द दाल 84 रुपए किलो के भाव पर देने की पेशकश की गई है। उड़द धुली 90 रुपए और उड़द गोटा 96 रुपए प्रति किलोग्राम के भाव पर दी जाएगी। नंदन ने कहा कि इस लक्षित हस्तक्षेप से नई फसल आने तक कमी वाले दिनों में दालों की कीमतों में बढ़ोतरी को रोका जा सकेगा।