लखनऊ | लखनऊ बहुजन समाज पार्टी (BSP) अध्यक्ष मायावती (Mayawati) ने लॉकडाउन के कारण दूसरे राज्यों में फंसे श्रमिकों से उन्हें वापस लाने के लिए किराया वसूले जाने की निंदा की है. उन्होंने कहा है कि अगर सरकारें मजदूरों का किराया देने में आनाकानी करती हैं तो बसपा इन मजदूरों को भेजने में योगदान करेगी.

मायावती ने मंगलवार को ट्वीट कर कहा कि यह अति दुर्भाग्यपूर्ण है कि केन्द्र एवं राज्य सरकारें प्रवासी मजदूरों को ट्रेनों और बसों आदि से भेजने के लिए उनसे किराया भी वसूल रही हैं. सभी सरकारें यह स्पष्ट करें कि वे उन्हें भेजने के लिए किराया नहीं दे पायेंगी. यह बसपा की मांग है. उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में बसपा का यह भी कहना है अगर सरकारें प्रवासी मजदूरों का किराया देने में आनाकानी करती हैं तो फिर वह अपने सामर्थ्यवान लोगों से मदद लेकर उनको भेजने की व्यवस्था करने में अपना थोड़ा योगदान जरूर करेगी.
पूरे देश में लॉकडाउन घोषित है
दरअसल, कोरोना महामारी के चलते पूरे देश में लॉकडाउन घोषित है. ऐसे में राज्य सरकर और केंद्र सरकार मिलकर प्रवासी मजदूरों को घर तक पहुंचाने के लिए स्पेशल ट्रेनें चला रही हैं. उत्तर प्रदेश और बिहार में सैकड़ों मजदूर दूसरे राज्य से आ भी गए हैं. इसी बीच  कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने ऐलान किया थ कि मजदूरों, कामगारों के घर लौटने की रेल यात्रा का खर्च कांग्रेस प्रदेश कमिटी उठाएगी. इसके बाद पूरे देश में सियासी घमासान शुरू हो गया था. जानकारी के मुताबिक, रेलवे के सर्कुलर के अनुसार स्थानीय सरकारी अधिकारी अपने द्वारा क्ल‍ियर किए गए मजदूरों को टिकट सौंपेंगे. उनसे टिकट का किराया वसूल करेंगे और कुल राशि रेलवे को सौंप देंगे. इसकी आलोचना करते कांग्रेस ने मजदूरों के लिए बड़ा ऐलान किया था.

सोनिया गांधी का बयान ट्वीट किया गया था
सोमवार को कांग्रेस के ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का बयान ट्वीट किया गया था, जिसमें कहा गया था, 'भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने यह निर्णय लिया है कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी की हर इकाई हर जरूरतमंद श्रमिक व कामगार के घर लौटने की रेल यात्रा का टिकट खर्च वहन करेगी व इस बारे जरूरी कदम उठाएगी.' इसके बाद पूरा विपक्ष सरकार पर हमलावर हो गया.