रायपुर। नगरीय प्रशासन और श्रम मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने कहा कि शहरी क्षेत्रों के रहवासियों के लिए पर्याप्त शुद्ध पेयजल की उपलब्धत कराना सरकार की प्राथमिकता में हैं। आम नागरिकों को सहजता के साथ जल आपूर्ति हो इस दिशा में बेहतर कार्ययोजना तैयार किया जाए। टैंकर मुक्त कर शत-प्रतिशत घरों में नल-जल की व्यवस्था सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में पेयजल की संकट न हो इसके लिए कारगार उपाय किया जाए। डॉ. डहरिया ने कहा कि नगरीय निकायों में बने सभी बहुमंजिला भवनो में अग्निशमन की व्यवस्था हो इस पर विशेष ध्यान दिया जाए। सभी बहुमंजिला भवनों में अग्नि रोधक नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए। डॉ. डहरिया ने उक्त बातें  आज जगदलपुर में बस्तर संभाग के नगरीय निकायों की प्रगति की समीक्षा के दौरान कही। डॉ. डहरिया ने फर्जी हस्ताक्षर कर राशि का आहरण करने वाले कांकेर नगर पालिका के सब इंजीनियर श्री हेमन्त देवांगन और राशि का गबन करने वाले कोण्डागांव नगर पालिका के राजस्व निरीक्षक श्री बिरजु सोनबेरकर को निलंबित करने के निर्देश दिए।
बैठक में डॉ. डहरिया ने कहा कि नगरीय निकायों के सुचारू संचालन और सुव्यस्थित विकास के लिए राजस्व वसूली भी एक आवश्यक हिस्सा है, इससे प्राप्त राशि संबंधित निकायों के विकास के लिए व्यय की जाती है, अतः लोगोंं को राजस्व भुगतान के लिए जागरूक जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि करदाताओं को ऑनलाइन अथवा एस.एम.एस. भेजकर राशि भुगतान के संबंध में सूचित किया जाए।  
डॉ. डहरिया ने कहा कि राज्य सरकार गौवंशी पशुओं को संरस्क्षित करने तथा परंमपरागत तरीके से गांवों की आर्थिक उन्नति के लिए नरवा, गरवा, घुरवा और बारी की कांसेप्ट पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में भी जहां-जहां डेयरी पालन किया जा रहा है उसे एक ही स्थान पर व्यस्थित किया जाए। सड़कों तथा शहरों में इधर-उधर घूम रहे पशुओं के लिए गोठान की तर्ज पर सरंक्षण तथा चारागाह केन्द्र बनाने पर जोर दिया।
श्री डहरिया ने निकायों में निर्माणाधीन अधोसंरचना कार्यों और अधूरे कार्यो का निर्माण की समीक्षा की और अपूर्ण कार्यों को समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में शत-प्रतिशत शहरी गरीब परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैठक में नगरीय प्रशासन विभाग के उप सचिव आर. एक्का, संयुक्त संचालक पी.बी. काशी, अनुविभागीय अधिकारी राजेश पात्रे, मुख्य अभियंता गण भागीरथी वर्मा, संजीव व्यवहार सहित बस्तर संभाग के सभी निकायों के मुख्य नगरपालिका अधिकारी और अभियंतागण उपस्थित थे।