नई दिल्ली  |                                                                                                                                                         
कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए 4 मई से शुरू होने वाले लॉकडाउन के तीसरे चरण में सरकार की चिंता प्रवासी श्रमिकों, छात्रों व अन्य लोगों की एक राज्य से दूसरे राज्य में आवाजाही को लेकर बनी हुई है। लाखों की संख्या में होने वाले पलायन पर राज्य सरकारों को दो सप्ताह तक कड़ी नजर रखने को कहा गया है और उनकी सारी रिपोर्ट केंद्र को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

इस बीच, केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा है कि दो चरणों के लॉकडाउन से बड़ा खतरा तो टल गया है, पर संकट अभी बरकरार है। तीसरे चरण के लॉकडाउन के बाद और आगे बढ़ेंगे। दो चरणों के लॉकडाउन की समीक्षा के बाद सरकार का मानना है कि अधिकतम खतरे का समय निकल गया है, लेकिन अब एक छोटी सी भी गलती भारी पड़ सकती है, इसलिए तीसरे लॉकडाउन को दो हफ्ते ही बढ़ाया गया है। 

इसके बाद तीनों जोन रेड, ऑरेंज व ग्रीन की समीक्षा कर सरकार 15 मई के आसपास बड़ा फैसला लेगी। जावड़ेकर ने कहा कि चार मई के बाद आधे देश में काफी गतिविधियां शुरू हो जाएंगी।

संक्रमण पर ध्यान: अभी सरकार की नजर प्रवासी श्रमिकों की आवाजाही पर है। तीसरे चरण में यह सुनिश्चित करेगी कि विशेष ट्रेन और बसों के जरिए प्रवासी श्रमिकों, छात्रों व अन्य लोगों की एक राज्य से दूसरे राज्य में आवाजाही से संक्रमण का फैलाव हुआ है या नहीं।

वैक्सीन मिलने तक लड़ना पड़ेगा: जावड़ेकर ने कहा कि जब तक बीमारी पर पूरी तरह काबू नहीं पा लेते, तब तक हमें सतर्क रहना होगा। वैक्सीन मिलने तक हमें इससे लड़ना पड़ेगा।