जयपुर. राजस्थान में सियासी संकट थमने के बाद मुख्यमंत्री बदलने की मांग करने वाले पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट (Sachin Pilot) के अधीन रहे PWD में तबादलों पर बैन होने के बावजूद राज्य सरकार ने बड़ी 'प्रशासनिक सर्जरी' (Administrative surgery) कर दी है. राज्य सरकार ने गुरुवार को अलग-अलग कई सूचियां जारी कर 11 अतिरिक्त मुख्य अभियंता और 122 एक्सईएन-जेईएन समेत कुल 140 अधिकारियों का तबादला (Transfer) कर दिया है.

ऐसा माना जा रहा है कि पीडब्ल्यूडी विभाग में पायलट द्वारा लगाए गए कार्मिकों पर तबादलों की गाज गिरी है. सीएमओ के निर्देश पर पीडब्ल्यूडी विभाग में ये तबादले किये गये हैं, क्योंकि राज्य में तबादलों पर प्रतिबंध लगा हुआ है. इससे पहले सचिन पायलट के निर्वाचन क्षेत्र टोंक में कलेक्‍टर-एसपी को छोड़कर अन्य सभी विभागों के अफसर बदल दिए गये थे.

इन अधिकारियों का हुआ तबादला
PWD की ओर से जारी आदेश के , टोंक में लगे अधीक्षण अभियंता देवीलाल आर्य को अधीक्षण अभियंता एवं तकनीकी सहायक संभाग-टोंक में लगाया गया है. इनकी जगह आदेशों की प्रतीक्षा में चल रहे जगराम मीणा को लगाया गया है. तबादल सूचियों में 11 अतिरिक्त मुख्य अभियंता, 34 एक्सईएन, 48 अधीक्षण अभियंता, 40 जेईएन-एई और 7 सहायक कर्मचारी शामिल हैं. आदेश के तहत अतिरिक्त मुख्य अभियंता विकास दीक्षित को अजमेर संभाग, रमेश मीणा को उदयपुर जोन-2, मेघराज मीणा को मुख्यालय, जसवंत लाल खत्री को पुलिस हाउसिंग जयपुर, रामधन बुनकर को प्रशासन जयपुर, सतीश चंद्र अग्रवाल को आरएसआरडीसी जोधपुर, सुधीर गर्ग को प्लानिंग मुख्यालय और संजय भार्गव को एएसटीआई में तैनाती मिली है. इनके अलावा राकेश भंडारी को आरएसआरडीसी जयपुर, संजय सक्सेना को उदयपुर संभाग- प्रथम और बीएल बैरवा को प्रशासन जयपुर के पद पर लगाया गया है.

विधायक कर रहे थे तबादलों की मांग
सरकार के उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि तबादला सूची को राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए, क्योंकि विधायक लंबे समय से पीडब्ल्यूडी विभाग में तबादला करने की मांग कर रहे थे. सरकार ने विधायकों को खुश करने की कवायद के तहत ही तबादले किये हैं. दरअसल, बाड़ाबंदी के दौरान विधायकों ने अफसरों द्वारा उनकी बात न सुनने की मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से शिकायत की थी. इसके बाद इन्हें बदलने के लिए विधायकों ने डिजायर दी थी.