रायपुर। ’छत्तीसगढ़ के चार चिन्हारी-नरवा, गरूवा, घुरूवा अउ बारी’ के क्रियान्वयन के लिए धमतरी जिले में पुरजोर कार्य प्रारंभ किया गया है।  जिले के चार विकासखण्डों में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, रूर्बन मिशन और गौण खनिज मद से 7 करोड़ 5 लाख रूपए की राशि से 57 गौठान निर्माण कार्य को स्वीकृति प्रदान की गई है। मॉडल के तौर पर चार गोठान निर्माण धमतरी विकासखण्ड के ग्राम पंचायत मुजगहन, मगरलोड विकासखण्ड के केकराखोली, कुरूद विकासखण्ड के ग्राम पंचायत हंचलपुर और नगरी विकासखण्ड के ग्राम पंचायत मुनईकेरा (देवगांव) बनाए जा रहे है।  
जिले के कुरूद विकासखण्ड के ग्राम पंचायत बोरझरा में 677 पशुओं की सुरक्षा के लिए लगभग तीन एकड़ क्षेत्र में बनाए जा रहे गौठान से गांव की तस्वीर बदल रही है। गौठान के समीप ही यादव समाज का सामुदायिक भवन और आंगनबाड़ी भवन है, जिसमें बाउंड्रीवॉल नहीं बनाया गया था। इससे भवनों की सुरक्षा चिंतनीय बनी हुई थी। पुराने पुल के टूटे हुए बेकार पड़ी सामग्री का उपयोग कर उक्त भवनों में बाउंड्रीवॉल बना दिया गया है। इससे जहां अब दोनों भवन भी सुरक्षित हो गए हैं, वहीं गांव की तस्वीर भी बदलने लगी है।
नरवा, गरूवा, घुरूवा और बाड़ी के निर्माण से स्व सहायता समूह की महिलाओं और बेरोजगारों को रोजगार मिल रहा है। ग्रामीणों द्वारा भी उत्साह के साथ गौठान निर्माण कार्य में योगदान दिया जा रहा है। गौठान में पशुओं के लिए पेयजल व्यवस्था के लिए कोटना टैंक निर्माण, सीपीटी नाली, पैरा संग्रहण के लिए मचान का निर्माण, आवश्यक समतलीकरण कार्य, अपशिष्ट निपटान के लिए कचरा टैंक निर्माण कार्य (नाडेप टैंक) किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त पौधारोपण कार्य, चैन लिंक फेंसिंग कार्य, चरवाहा के बैठने का शेड, गौ-मूत्र एवं गोबर आदि एकत्रित कर उपयोगी सामग्री तैयार करने का कार्य भी किया जाएगा। गौठान निर्माण से जहां पशुओं का इधर-उधर भटकना और सड़क दुर्घटना में कमी आएगी वहीं फसल नुकसान होने से भी बचेगी।