वॉशिंगटन। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान से विश्व में सरगर्मी बढ़ गई है। दरअसल, अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद से ही अमेरिका और चीन आमने-सामने है। तालिबान को मदद को लेकर अमेरिका चीन से खासा नाराज है। चीन हमेशा से अमेरिका से बड़ी शक्ति बनने की कवायद करता रहता है। लेकिन गलत नीति की वजह से चीन अमेरिका से आगे नहीं बढ़ पा रहा है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि चीन के साथ अमेरिका का युद्ध हो सकता है। उन्होंने युद्ध का कारण भी बताया है। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जो बाइडेन पर हमला बोलते हुए हुए एक बयान में कहा, ‘क्योंकि चुनाव में धांधली की गई, और अमेरिका में अब कमजोर एवं भ्रष्ट नेतृत्व है तथा हमें चीन के साथ युद्ध का सामना करना पड़ सकता है। ट्रंप ने कहा कि बाइडेन की कमजोर सरकार की वजह से अमेरिका पर चीन हमला कर सकता है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका में अब कमजोर और भ्रष्ट सरकार होने के कारण वाशिंगटन का सम्मान बीजिंग नहीं करता है। इस बीच पिछले सप्ताह ताइवान के पास सैन्य विमानों की बड़ी संख्या में आवाजाही के साथ चीन अपनी सैन्य शक्ति दिखा रहा है और उसने क्षेत्र में अपने प्रभुत्व का दावा करते हुए इस द्वीपीय देश की परेशानियां बढ़ा दी हैं।
ट्रंप की टिप्पणी ऐसे समय आई है जब अमेरिका और चीन के अधिकारी दोनों देशों के बीच जारी तनाव के बीच बैठक  हुई। गौरतलब है कि पहले ट्रेड वॉर और दक्षिण चीन सागर में चीन की दादागिरी को लेकर दोनों महाशक्तियों के बीच तनाव पिछले काफी समय से चल रहा है। जिसमें कोरोना महामारी ने आग में घी डालने का काम किया। ट्रंप ने चीन पर कोरोना संक्रमण फैलाने का आरोप भी लगाया था।