इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में अंपायरिंग पर अब पूर्व क्रिकेटरों ने सवाल उठाये हैं। इन क्रिकेटरों ने मैचों में हार-जीत का अंतर पैदा करने वाले फैसलों की आलोचना की है। आईपीएल के 13वें सत्र के दूसरे मैच में किंग्स इलेवन पंजाब को दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ जीत के लिए 10 गेंदों पर 21 रन चाहिए थे। ऐसे में कगिसो रबाडा के ओवर की दूसरी गेंद पर मयंक अग्रवाल ने चौका लगाया। इसके बाद अगली गेंद पर क्रिस जॉर्डन ने अच्छी दौड़ लगाकर रन पूरा किया पर स्क्वेअर लेग पर खड़े अंपायर नितिन मोहन ने इसे 'शॉर्ट रन' करार दिया। अंपायर का कहना था कि जॉर्डन ने रन लेते हुए विकेटकीपर छोर पर बल्ला क्रीज के पार नहीं किया और उससे पहले ही दूसरे रन के लिए दौड़ पड़े।
हालांकि अंपायर का यह फैसला गलत था। टीवी रीप्ले में साफ नजर आ रहा था कि जॉर्डन का बल्ला क्रीज के पार गया था और यह एक पूरा रन था हालांकि मैच निर्धारित 20 ओवर बाद टाई रहा। आखिरी गेंद पर पंजाब को जीतने के लिए एक रन की जरूरत थी पर मार्कस स्टॉयनिस की गेंद पर रबाडा ने स्केअसर लेग पर कैच ले लिया। टीम इंडिया के पूर्व खिलाड़ी और आईपीएल में दोनों टीमों (दिल्ली डेयरडेविल्स और किंग्स इलेवन पंजाब) का प्रतिनिधित्व कर चुके वीरेंदर सहवाग ने कहा, 'मैं मैन ऑफ द मैच के चुनाव से सहमत नहीं हूं। जिस अंपायर ने शॉर्ट रन दिया उन्हें मैन ऑफ द मैच मिलना चाहिए। शॉर्ट रन नहीं था। और आखिर में इसी से अंतर पड़ा।' वहीं पूर्व क्रिकेटर इरफान पठान ने भी अपनी राय रखी। उन्होंने ट्वीट किया- 'उस एक रन शॉर्ट रन के फैसले से बारे में क्या कहना है।'
न्यूजीलैंड के पूर्व क्रिकेटर स्कॉट स्टायरिस ने ट्वीट कर कहा, 'इस आईपीएल मैच में एक रन शॉर्ट का फैसला बहुत खराब था। हालांकि अगर आपको आखिरी दो गेंद पर एक रन चाहिए हो और आप न जीतें तो आप खुद को ही दोष दे सकते हैं।'

अंपायरों के रीव्यू के फैसले से खुश नहीं थे धोनी
चेन्नै सुपर किंग्स (सीएसके) के कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) मुकाबले में मैदानी अंपायर द्वारा अपने फैसले को बदलने से निराश नजर आये। इस मैच में सीएसके को हार का सामना करना पड़ा था। अंपायर ने बल्लेबाज को आउट देने के बाद तीसरे अंपायर से मदद मांगी थी जिसके बाद अपना निर्णय बदल दिया था। राजस्थान की पारी के 18वें ओवर में टॉम करन को आउट दिए जाने के बावजूद रीव्यू लेने के अंपायरों के फैसले से धोनी खुश नहीं दिखे। दीपक चाहर की गेंद पर विकेटकीपर धोनी द्वारा गेंद पकड़े जाने के बाद मैदानी अंपायर सी शम्सुददीन ने आउट दे दिया था।
वहीं राजस्थान के पास रिव्यू नहीं बचा था और बल्लेबाज पविलियन लौटने लगा। इसके बाद हालांकि लेग अंपायर विनीत कुलकर्णी से बात करने के बाद शम्सुददीन को अपनी गलती का अहसास हुआ और उन्होंने तीसरे अंपायर से मदद मांगी। इसके बाद धोनी निराशा में अंपायर से बात करते देखे गए। रीप्ले में दिखा की गेंद के टप्पा खाने के बाद ही धोनी उसे पकड़ पाये थे। इसपर तीसरे अंपायर ने मैदानी अंपायर का फैसला बदल दिया।