जयपुर। प्रदेश में सोमवार सुबह 5 बजे से 24 मई तक लॉकडाउन के सिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने लॉकडाउन की सख्ती से पालना करवाने के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने वीसी के जरिए कोरोना प्रबंधन समीक्षा बैठक लेकर आवश्यक निर्देश दिए। गहलोत ने अधिकारियों से कहा कि प्रदेशवासियों की जीवन रक्षा के लिए लॉकडाउन का असर पहले दिन से ही गांव-ढाणी तक दिखना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसमें किसी तरह की कोई ढिलाई नहीं बरतें। जो भी व्यक्ति गाइडलाइन का उल्लंघन करें उस पर सख्ती से कार्रवाई की जाए। बैठक में सीएम ने साफ कहा कि जांच, उपचार, वैक्सीनेशन एवं संसाधनों के विस्तार के प्रयासों के साथ-साथ राज्य सरकार कड़ाई से लॉकडाउन की पालना भी कराएगी। क्योंकि इसके बिना इस घातक लहर को रोक पाना संभव नहीं है।
  सीएम गहलोत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लोगों को जागरूक करने के लिए पुलिस बल थाने और चौकी स्तर तक फ्लैग मार्च करें। वहीं चिकित्सा विभाग के अधिकारियों से सीएम ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले रोगियों को निःशुल्क रेफरल ट्रांसपोर्ट सुविधा मिल सके इसके संबंध में परीक्षण किया जाए। इसके साथ ही निजी अस्पतालों में मरीजों के लिए ऑक्सीजन, बेड, वेन्टीलेटर आदि के लिए दरों का तर्कसंगत निर्धारण करें ताकि निजी अस्पताल ज्यादा दरें नहीं वसूल सकें। बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि फैक्ट्रियों में कार्यरत श्रमिकों को लॉकडाउन के दौरान दिक्कतें ना हो इसके लिए परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए औद्योगिक संगठनों से चर्चा की गई है। कुछ उद्यमियों ने उपकरणों आदि का सहयोग देने की पेशकश भी की है। चिकित्सा मंत्री ने कहा कि प्रदेश में 7 हजार से अधिक सीएचओ की चयन सूची जारी कर दी गई है।