मन में कुछ अलग करने की तमन्ना हो तो तमाम रुकावटों के बावजूद सफलता खुद चल कर सामने आती है। ऐसा ही उदाहरण राजस्थान के जोधपुर जिले के भिंयाड़िया गांव के फौजी लालचंद जाणी ने डेढ़ महीने की छुट्टी के दौरान मात्र 20 दिन में कर दिखाया। गांव के युवाओं को फौज में भर्ती होने के लिए सुबह-सुबह सड़क पर दौड़ लगाते और पेड़ों की टहनियों से लटककर तैयारी करते देख फौजी जाणी ने गांव में खेल मैदान तैयार करने की ठानी और फिर गांववालों के साथ खेल मैदान का निर्माण करवाने की चर्चा की। फिर कुछ युवाओं को साथ लेकर खेल मैदान तैयार करवाने में लग गए।

उन्हें देख दूसरे युवक भी आगे आए। कई भामाशाहों ने अपने ट्रैक्टर उपलब्ध कराए। लगभग पांच बीघा सरकारी भूमि के समतलीकरण के साथ साथ क्रिकेट जैसे खेल के लिए सीमेंटीकरण पिच बनाने, युवाओं के दौड़ लगाने के लिए राउंड अप गोलाकार में मैदान, कुश्ती मैदान, भीम निकालने, जंप लगाने व अन्य गतिविधियों के लिए आधुनिक सुविधाओं का इंतजाम भी किया गया है। 

खेल मैदान बनने के बाद अब गांव की विभिन्न ढाणियों के 80 से अधिक युवक फौज में भर्ती होने के लिए प्रातः 5 बजे से यहां प्रैक्टिस करने के लिए पहुंच जाते हैं। ग्रामीणों ने फौजी की पहल की सराहना की है। फौजी लालचंद ने बताया कि वह चाहते हैं कि गांव के युवा सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करें।

आगामी महीनों में क्रिकेट, कबड्डी, कुश्ती सहित अन्य ग्रामीण खेलकूद प्रतियोगिताओं का भी आयोजन कराया जाएगा। इसका लाभ आसपास के केलानाडा, पड़ासला, हरीपुरा, भीकमकोर, सिरमंडी, बाबा रामदेव नगर आदि गांवों की युवकों को भी मिलेगा।