नई दिल्ली| इंग्लैंड में न्यूजीलैंड के खिलाफ वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप के फाइनल मैच और बाद में मेजबान टीम के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार को नहीं चुना गया। यह सबसे बड़े और चौंकाने वाले फैसलों में एक था। बाद में बताया गया कि उन्हें इंग्लैंड दौरे के लिए इसलिए नहीं चुना गया, क्योंकि वे क्रिकेट के लंबे फॉर्मेंट में अपनी फिटनेस को अनिश्चित थे। लेकिन अब मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि भुवनेश्वर का चयन इसलिए नहीं हुआ है, क्योंकि वे क्रिकेट के सबसे बड़े फॉर्मेट में नहीं खेलना चाहते हैं।
'भुवनेश्वर अब सारा ध्यान टेस्ट क्रिकेट से हटाकर लिमिटेड ओवर क्रिकेट में लगाना चाहते हैं। जितने भी लोग उन्हें करीब से जानते हैं, उन्हें पता है कि पिछले कुछ समय से उनके वर्क ड्रिल में काफी बदलाव आया है। साथ ही हैवी वेट ट्रेनिंग, व्हाइट बॉल क्रिकेट का कम्फर्ट जोन और टेस्ट क्रिकेट के लंबे स्पैल से लंबे समय से दूरी भी इस फैसले की बड़ी वजहों में शामिल है।'
उनके टेस्ट क्रिकेट करियर की बात करें तो उन्होंने जनवरी 2018 के बाद से प्रथम श्रेणी मैच नहीं खेला है। उन्होंने आखिरी बार जनवरी 2018 में जोहानसबर्ग में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट मैच खेला था। इसके बाद भुवनेश्वर को लिमिटेड ओवरों के फॉर्मेट के लिए चुना गया, लेकिन टेस्ट मैचों के लिए उन्हें फिट नहीं समझा गया। भुवनेश्वर को आईपीएल के पिछले सीजन में चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ चोट लगी थी, जिसके कारण वह ऑस्ट्रेलिया दौरे में भी शामिल नहीं हो सके थे।
भुवनेश्वर ने साल 2013 में भारत की तरफ से टेस्ट में डेब्यू किया था। वो इसके बाद मात्र 21 टेस्ट मैच ही खेल पाए हैं। 21 टेस्ट में 26.09 की औसत से उनके नाम 63 विकेट हैं। भारत के श्रीलंका दौरे में उनका चुना जाना लगभग तय है। भारतीय टीम श्रीलंका में तीन वनडे और तीन टी-20 मैचों की सीरीज खेलने जाएगी। उन्हें इस सीरीज में टीम इंडिया का कमान भी सौंपी जा सकती है।