इस्लामाबाद । आतंक को पनाह देने वाले पाकिस्तान के दोहरा चरित्र उस समय उजागर हो गया जब पुलवामा हमले के बाद उनके विदेश मंत्री एक विदेशी मीडिया को दिए इंटरव्यू में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का बचाव करते दिखे। कुरेशी के इस इंटरव्यू की भी काफी आलोचना हो रही है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि हमने जैश से पूछा और उन्होंने अटैक की जिम्मेदारी से इनकार किया है। ज्ञात हो कि एक दिन पहले ही पाक विदेश मंत्री ने कहा था कि मसूद अजहर बहुत बीमार है और अस्पताल में हैं।  
जब संवाददाता ने जैश-ए-मोहम्मद की पुलवामा हमले की जिम्मेदारी लेने पर सवाल पूछा तो कुरैशी ने तत्परता से कहा कि उन्होंने ऐसा नहीं किया। कुरैशी ने कहा, 'जिम्मेदारी लेने को लेकर काफी असमंजस है। हमारे यहां के कुछ लोगों ने जैश के टॉप लीडरशिप से बात की है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यह हमला उन्होंने नहीं किया।' पत्रकार ने जब उनसे पूछा कि वो कौन लोग हैं, क्या सरकार के लोग है तो जवाब में कुरैशी ने कहा कि नहीं हमारे लोग हैं... ऐसे लोग जो उनके संपर्क में हैं। 
कुरैशी ने इंटरव्यू में कहा कि युद्ध किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकता। उन्होंने कहा, आज की तारीख में युद्ध किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकता। एक-दूसरे के ऊपर मिसाइल हमले दागने से समस्या का समाधान नहीं हो सकता। युद्ध करना आत्मघाती कदम साबित हो सकता है।' पाक विदेश मंत्री ने एयर स्ट्राइक को लेकर कहा कि भारत जिस आतंकी कैंप पर एयर स्ट्राइक कर 300 आतंकियों को खत्म करने की बात कर रहा है, उसके बारे में हमें अभी प्रमाण नहीं दिखे। कुरैशी ने अपनी सरकार का बचाव करते हुए कहा कि हमारी सरकार नई मानसिकता की सरकार है। हम किसी भी देश के खिलाफ आतंकवाद को बढ़ावा नहीं दे सकते यहां तक कि भारत के खिलाफ भी नहीं। पत्रकार ने जब उनसे पूछा कि क्या आप मानते हैं कि पूर्व में पाक सरकारों ने ऐसी गलती की है तो कुरैशी सवाल को टालते हुए अपनी सरकार के बचाव में उतर गए। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार नई सरकार है और यह नया पाकिस्तान है। पाकिस्तान में आतंकियों के बसे होने को लेकर भी कुरैशी ने सारा दोष मीडिया पर डाल दिया। उन्होंने कहा कि भारत में पाकिस्तान के खिलाफ गैर-जिम्मेदाराना तरीके से रिपोर्टिंग होती है।