वाराणसी। शहर के रिंग रोड के निकट ऐढ़े गांव के समीप पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्‍त टीम के साथ हुई मुठभेड़ में 1 लाख रुपये का इनामी बदमाश मोनू चौहान ढेर हो गया। एनकाउंटर में पांडेयपुर चौकी प्रभारी राजकुमार पांडेय और क्राइम ब्रांच के सिपाही विनय सिंह को भी गोली लगी है। दोनों को मलदहिया स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मोनू को एक गोली बाएं पैर और दूसरी सिर में लगी। उसे कबीरचौरा स्थित मंडलीय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्‍टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
   एसएसपी अमित पाठक ने बताया कि मोनू पिछले 9 दिनों में हुई तीन हत्याओं में शामिल था। मोनू चौहान ने घड़ी व्यापारी की भी हत्या कर दी थी। पुलिस जांच में मोनू चौहान का नाम सामने आया। मोनू को सनी गिरोह का शार्प शूटर माना जाता था। मोनू पर पहले 50000 हजार का इनाम था। पुलिस को जब इन घटनाओं में मोनू की संलिप्‍तता का पता चला तो इनाम की राशि बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दिया गया था। एसएसपी अमित पाठक के मुताबिक, पुलिस का दबाव पड़ते ही इनामी बदमाश मोनू भागने के फिराक में था। सूचना मिलते ही क्राइम ब्रांच और पुलिस ने इलाके की घेराबंदी करते हुए आनेजाने वालों की चेकिंग शुरू कर दी। तभी एक बाइक सवार पर संदेह हुआ जैसे ही पुलिस करीब पहुंची तो बदमाशों ने फ़ायरींग करनी शुरू कर दी। इसमें दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में मोनू को गोली लग गयी और साथी अनिल भागने में कामयाब हुआ। घायल बदमाश मोनू को पुलिस अस्पताल लेकर आई जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी।