पटना। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता और नीतीश सरकार में मंत्री डॉ प्रेम कुमार के गया में पोलिंग बूथ पर कमल निशान वाला मास्क पहनकर पहुंचने को लेकर विवाद हो गया है। आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप पर निर्वाचन विभाग ने गया के डीएम को उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। सात बार विधायक बनने का रिकॉर्ड बना चुके डॉ प्रेम कुमार गया टाउन सीट से इस बार भी बीजेपी के उम्मीदवार हैं।  
  वोट डालने के लिए साइकिल से बूथ पहुंचे प्रेम कुमार ने कहा कि वह पर्यावरण संरक्षण को लेकर सचेत हैं। चाहते हैं कि लोग वाहनों का कम से कम प्रयोग करें ताकि प्रदूषण कम से कम हो। उन्होंने् कहा कि यही संदेश देने के लिए मैं साइकल पर मतदान करने जा रहे हैं। प्रेम कुमार ने कहा कि चुनाव लोकतंत्र का सबसे बड़ा त्‍योहार है। हर मतदाता को अपने इस मताधिकार का प्रयोग करना चाहिए। वह पूरे परिवार के साथ वोट डालने आए हैं। इसी तरह सबसे अपील कर रहे हैं कि हर कोई मतदाता बन चुके परिवार के एक-एक सदस्‍य के साथ बूथ पर जाकर अपने मताधिकार का इस्‍तेमाल करे। इसबीच जमुई से भाजपा प्रत्‍याशी और इंटरनेशनल शूटर श्रेयसी सिंह ने नया गांव के एक मतदान केंद्र पर अपने मताधिकार का इस्‍तेमाल किया। मतदान के बाद श्रेयसी ने लोगों से अपने घरों से निकलने और मताधिकार का प्रयोग जरूर करने की अपील की। श्रेयसी ने कहा-'पहले मतदान फिर जलपान'। 

इधर रोड नहीं तो वोट के नारे के साथ मतदान का बहिष्कार:
इधर धनरुआ प्रखंड के लरहा गांव में बूथ संख्या-214 पर रोड नहीं तो वोट के नारे के साथ मतदान का बहिष्कार कर दिया। वहीं मसौढ़ी विधानसभा के थलपुरा गांव के साढ़े सात सौ वोटरों ने बूथ सं 110 पर सड़क और पुल की मांग पूरी नहीं होने पर मतदान का बहिष्कार कर दिया। इसके अलावा पालीगंज प्रखंड अंतर्गत मेरा-पतौना पंचायत के बहेरिया निरखपुर गांव बूथ संख्या-236 पर भी लोगों ने रोड नहीं तो वोट नहीं के नारे के मतदान नहीं करने का फैसला लिया।