लखनऊ. नोएडा (Noida) के एसएसपी रहे चर्चित आईपीएस अधिकारी वैभव कृष्णा (IPS Vaibhav Krishna) का निलम्बन तो खत्म हो गया और वे बहाल हो गये. जाहिर है कुछ दिनों के बाद तैनाती भी मिल जायेगी लेकिन, बड़ा सवाल ये है कि उन अफसरों को कब बहाली और तैनाती मिलेगी जो लगभग सालभर से बिना काम टहल रहे हैं. बिना कामकाज के बैठे ऐसे अफसरों की कुल संख्या 8 है. इनमें से 5 तो निलम्बित ही चल रहे हैं. बाकी के 3 अफसरों का निलम्बन तो खत्म हो गया है लेकिन, उन्हें अभी तक तैनाती नहीं मिली है. जानकारी के मुताबिक जल्द ही ऐसे अफसरों की तैनाती हो सकती है क्योंकि पंचायत चुनाव में यूपी पुलिस की अहम भूमिका होगा.

जसवीर सिंह: 1992 बैच के ADG रैंक के इस आईपीएस अफसर का निलंबन खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है. 14 फरवरी 2019 को निलम्बित हुए थे. दो साल हो गये लेकिन, अभी तक बहाली भी नहीं हुई है. सरकार को लेकर दिये गये विवादास्पद बयान के चलते योगी सरकार ने इन्हें निलम्बित कर दिया था. चर्चा ये है कि इस सरकार में तो निलंबन वापस होना मुश्किल है.

दिनेश चन्द्र दुबे: 2003 बैच के और DIG रैंक के इस आईपीएस अफसर को भी निलंबित हुए 6 महीने बीत चुके हैं. अभी तक बहाली नहीं हो पायी है. पशुधन विभाग में ठगी करने के मामले में इनका निलंबन हुआ था.


अभिषेक दीक्षित: 2006 बैच के और एसपी रैंक के इस आईपीएस को योगी सरकार ने 8 सितम्बर 2020 को निलंबित कर दिया था. पिछले 6 महीने से ये भी निलंबन खत्म होने और अपनी बहाली का इंतजार कर रहे हैं. अभिषेक पर ट्रांसफर पोस्टिंग में पैसे खाने के आरोप लगे थे.
अनंत देव: 2006 बैच और DIG रैंक के इस आईपीएस अफसर को सरकार ने कानपुर के बिकरू काण्ड के बाद निलंबित कर दिया था. 12 नवंबर 2020 से निलंबित चल रहे हैं. बिकरू काण्ड में 8 पुलिसकर्मियों की शहादत हुई थी. अनंत देव पर लापरवाही के आरोप लगे थे.

मनि लाल पाटीदार: 2014 बैच और एसपी रैंक के इस आईपीएस अफसर को योगी सरकार ने 9 सितम्बर 2020 को निलम्बित कर दिया था. 6 महीने होने जा रहे हैं लेकिन, निलंबन खत्म होने की सूरत तो दिखाई नहीं दे रही है, अलबत्ता सरकार का शिकंजा और कसता जा रहा है. भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में घिरे पाटीदार पर सरकार ने इनाम तक घोषित कर रखा है.

इन पांचों IPS अफसरों के अलावा 3 ऐसे अफसर भी हैं जिनकी बहाली तो हो गयी है लेकिन, तैनाती का इंतजार है. इनमें सबहसे चर्चित हैं वैभव कृष्णा

वैभव कृष्णा: 2010 बैच के और एसपी रैंक के वैभव कृष्णा प्रदेश में खूब चर्चा बटोरे. नोएडा के एसएसपी रहे वैभव कृष्णा का निलंबन खत्म हो गया है. उन्हें पिछले साल सरकारी दस्तावेज लीक करने के मामले में निलंबित किया गया था. कृष्णा का एक वीडियो भी वायरल हुआ था जिसमें वे बेहद आपत्तिजनक स्थितियों में दिखाई दे रहे थे.

सत्यार्थ अनिरूद्ध पंकज:  2010 बैच के इस आईपीएस अफसर का भी टाइम ठिक नहीं चल रहा है. ये निलंबित तो नहीं हुए थे लेकिन, सरकार ने इन्हें पिछले ही साल वेटिंग में डाल दिया था. इनपर आरोप लगे थे कि इन्होंने कोरोना पीड़ित को अपने घर में रखा और इस बात को छुपाये रखा. बाद में खुद भी कोरोना संक्रमित हो गये और अपने स्टाफ को भी बीमारी दे दी.

विक्रांत वीर:  2014 बैच के इस नये आईपीएस को हाथरस में दलित लड़की के बलात्कार और हत्या काण्ड के बाद सरकार ने निलंबित कर दिया था. इनकी बहाली हुए एक महीना होने जा रहा है. सरकार ने विक्रांत वीर को इसी साल 18 फरवरी को बहाल कर दिया था लेकिन अभी तक तैनाती नहीं मिल पायी है.
गृह विभाग के सूत्रों ने बताया है कि जिन्हें बहाल कर दिया गया है उन्हें जल्दी ही तैनाती दी जायेगी क्योंकि प्रदेश में पंचायत के चुनाव हैं और यूपी पुलिस को बड़ी भूमिका निभानी है.