नई दिल्ली । केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने विश्व बैंक-आईएमएफ की वार्षिक बैठक को वर्चुअल माध्‍यम से संबोधित किया। इस बैठक का विषय "सभी के लिए मानव पूंजी के माध्यम से दक्षिण एशियाई शताब्दी को खोलना" और "कोविड -19 वैक्‍सीन और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा वितरण प्रणाली में निवेश" था। मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा, “भारत की प्रतिक्रिया की समावेशिता की बदौलत हम वर्तमान में महामारी का प्रबंधन कर सके हैं। कोविड महामारी ने सामान्य जीवन में भले ही बाधा डाली, लेकिन हमें भविष्‍य के प्रति ज्‍यादा सहनशील और तैयार रहने की महत्वपूर्ण शिक्षा भी प्रदान की। ये प्रयास सभी हितधारकों की प्रतिबद्धता का परिणाम हैं। ”उन्‍होंने कहा कि भारत इस वैश्विक महामारी के कारण उत्पन्न चुनौतियों से निपटने के लिए पहले से ही“ संपूर्ण समाज, संपूर्ण सरकार” दृष्टिकोण से ऐहतियाती, अग्रसक्रिय और क्रमबद्ध प्रतिक्रिया का अनुसरण कर रहा है।
उन्होंने कहा, "निजी क्षेत्र के नवाचार, क्षमता और दक्षता ने कोविड से लड़ने के प्रयासों में बड़े पैमाने पर सहायता की है।आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने के लिए पीपीई, एन 95 मास्क, ऑक्सीजन, वेंटिलेटर और नैदानिक ​​परीक्षण किट्स को त्‍वरित गति से विकसित किया है। चिकित्सा संबंधी बुनियादी सुविधाओं में तेजी से वृद्धि हुई। मार्च, 2020 में जहां केवल एक प्रयोगशाला थी, वहीं आज लगभग 2000 प्रयोगशालाएं हैं, जिनमें लगभग आधी प्रयोगशालाएं निजी क्षेत्र से संबंधित हैं। ऐसा ही समर्पित आईसीयू सुविधाओं और आइसोलेशन सेंटर्स के मामले में भी है। 
डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि महामारी की वजह से दुनिया के समक्ष आ रही अभूतपूर्व चुनौतियों के कारण, भारत कोविड प्रबंधन के लगभग हर पहलू में सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग कर रहा है, सेलुलर आधारित ट्रैकिंग तकनीक-आरोग्‍य सेतु ऐप और इतिहास का उपयोग निगरानी और संभावित समूहों की पहचान के लिए किया है। परीक्षण के लिए आरटी-पीसीआर ऐप, भर्ती रोगियों के संबंध में सूचना के प्रबंधन के लिए फैसिलिटी ऐप का उपयोग किया  है और येसभी एक एकल पोर्टल के साथ एकीकृत हैं। आरोग्‍य सेतु ऐप वर्तमान में 170 मिलियन से अधिक भारतीयों द्वारा उपयोग में लाया जा रहा है, जिससे यह दुनिया में सबसे अधिक डाउनलोड किया जाने वाला ऐप बन गया है। कोविड-19 के अतिरिक्‍त अन्‍य स्वास्थ्य सेवाओं के लिए वेब-आधारित टेली-परामर्श सेवा शुरू की गई है। अब तक, 0.60 मिलियन से अधिक टेली-परामर्श संचालित किए हैं तथा इनमें और ज्‍यादा लोग शामिल हो रहे हैं।