बीजिंग । ड्रैगन के भूगोल विस्तार की महात्वाकांक्षा उसके ही चीनी सैनिकों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। पूर्वी लद्दाख में भारतीय जमीन पर नज़र गड़ाए बैठे चीनी राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग को उनका यह सपना बहुत भारी पड़ रहा है। चीन की पीपुल्‍स लिबरेशन आर्मी ने पूर्वी लद्दाख में वास्‍तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर करीब 50 हजार सैनिक तैनात कर रखे हैं। लेकिन चीनी सैनिक का भीषण ठंड और कम ऑक्‍सीजन वाले जगह पर रहना जानलेवा साबित हो रहा है। चीन के कई सैनिक पेट से जुड़ी बीमारियों से जूझ रहे हैं। इस बीच चीनी सेना के पश्चिमी थियेटर कमांड के पूर्व प्रमुख 58 वर्षीय चीनी सैन्य कमांडर जनरल झांग जुडोंग का पिछले शुक्रवार को निधन हो गया।
एक रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी गई है। चीनी राज्य मीडिया ने अभी तक आधिकारिक तौर पर मौत की पुष्टि नहीं की है। लेकिन साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट में कहा गया है कि जनरल झांग कैंसर और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याओं से पीड़ित थे। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पश्चिमी थियेटर कमांड को लेकर फेरबदल भी की थी।
चीन की सेना में पांच थियेटर कमांडों में से एक पश्चिमी थियेटर कमांड है। ये शिनजियांग, तिब्बत और हिमालय में भारत के साथ सीमा के क्षेत्रों को कवर करता है। रिपोर्ट में झांग और उनके उत्तराधिकारियों द्वारा इस ऊंचाई वाले इलाके में झेले जाने वाले स्वास्थ्य जोखिमों के बारे में बताया गया है। इसमें कहा गया है कि यहां पर तैनात सैनिकों को कम ऑक्सीजन, कम तापमान और उच्च ऊंचाई का सामना करना पड़ता है। पश्चिमी थियेटर कमांड के नेतृत्व में पिछले नौ महीनों में तीन बार बदलाव किया गया है। झांग को पश्चिमी थियेटर कमांड का प्रमुख बनाया गया था। सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (सीएमसी) के प्रमुख चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 23 दिसंबर 2020 को झांग को सेना के सबसे बड़े थियेटर कमांड का कमांडर नियुक्त किया। ये नियुक्ति गलवान घाटी संघर्ष के छह महीने बाद हुई थी, जिसमें 20 भारतीय जवान शहीद हो गए थे। इस साल जून में, झांग ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया और उन्हें सीएमसी की रणनीतिक योजना समिति में एक पद दिया गया। जनरल जू किलिंग ने पश्चिमी थियेटर कमांड के कमांडर के रूप में उनकी जगह ली थी, जो पहले ईस्टर्न थिएटर कमांड के प्रमुख थे।
वहीं, दो महीने बाद ही झांग ने भी अपना पद छोड़ दिया और उनकी जगह वांग हाइजियांग ने ले ली। एक सूत्र ने बताया कि जू, झांग की तरह, गैस्ट्रिक समस्याओं का सामना कर रहे थे। सूत्र ने कहा, जू किलिंग को उनके गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट से जुड़ी कुछ समस्याएं भी थीं, इसलिए उन्होंने वेस्टर्न थिएटर कमांड में नियुक्ति के दो महीने बाद ही अपना पद छोड़ दिया। रिपोर्ट में कहा गया, कम ऑक्सीजन, कम तापमान, उच्च ऊंचाई वाले पश्चिमी थियेटर कमांड में काम के हालात कठिन हैं। इस वजह से सैनिकों में दिल संबंधी बीमारियां भी बढ़ रही हैं।