केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा है कि 5 साल बाद जम्मू-कश्मीर के लोग खुद सवाल करने लगेंगे कि आखिरकार अनुच्छेद-370 उनपर क्यों थोप कर रखा गया था. पुणे में एक कार्यक्रम में डॉ हर्षवर्धन ने कहा कि अगले 5 साल में जम्मू-कश्मीर में स्वास्थ्य सेवाओं में जबर्दस्त इजाफा किया जाएगा.
    5 साल बाद कश्मीरी पूछेंगे, अनुच्छेद 370 क्यों थोपा गया थाहर्षवर्धन बोले- जम्मू-कश्मीर में हेल्थ सेक्टर में होगा काम मलेरिया उन्मूलन को लेकर केंद्र सरकार समर्पित

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा है कि 5 साल बाद जम्मू-कश्मीर के लोग खुद अहसास करेंगे कि आखिरकार अनुच्छेद-370 उनपर क्यों थोपकर रखा गया था. पुणे में एक कार्यक्रम में डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि अगले 5 साल में जम्मू-कश्मीर में स्वास्थ्य सेवाओं में काफी इजाफा किया जाएगा.
केंद्रीय मंत्री से जब इंडिया टुडे ने पूछा कि जम्मू-कश्मीर में सरकार को स्वास्थ्य संबंधी क्या परेशानियां आ रही हैं और इसका समाधान कैसे किया जाएगा? तो उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर से स्वास्थ्य विभाग की जुड़ी कोई खास समस्या तो नहीं है लेकिन सरकार जम्मू-कश्मीर से जुड़े सभी मसलों का ईमानदारी पूर्वक समाधान कर रही है, और इसमें सेहत का मुद्दा भी शामिल है.

डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि पिछले पांच सालों में सरकार ने जम्मू-कश्मीर में हेल्थ सेक्टर में काफी काम किया है, वहां पर AIIMS की स्थापना हुई है और अब ये पूरी तरह से काम कर रहा है. उन्होंने कहा कि अगले पांच सालों में जम्मू-कश्मीर में इतना विकास होगा कि वहां के लोग खुद महसूस करेंगे कि आखिर उनपर अनुच्छेद-370 क्यों थोपकर रखा गया था. बता दें कि केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद-370 को हटा लिया है. इस के बाद वहां सरकार ने एहतियान कई पाबंदियां लगा दी हैं.

डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि सरकार मलेरिया उन्मूलन को लेकर समर्पित है. उन्होंने कहा कि साल 2025 तक हम देश से टीबी का भी उन्मूलन कर देंगे. केंद्रीय मंत्री के मुताबिक भारत ये लक्ष्य यूएन द्वारा घोषित टारगेट से पांच साल पहले हासिल करेगा. केंद्रीय मंत्री ने कहा, "हमलोग मलेरिया को जल्द से जल्द खत्म करने की दिशा में काम कर रहे हैं, इसी तरह से हमारा लक्ष्य कुष्ठ, एनसेफलाइटिस और कालाजार का उन्मूलन करना है. ये उच्च प्राथमिकता पर हैं. मलेरिया हमारी शीर्ष प्राथमिकता में है."