एटा. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के एटा (Etah) जनपद में जिला अस्पताल के डॉक्टरों में कोरोना (Coronavirus) का खौफ उस वक्त देखने को मिला जब उन्होंने दो महिलाओं को संदिग्ध मानते हुए उनका डायलिसिस करने से इनकार कर दिया. दरअसल दोनों महिलाओं की ट्रेवल हिस्ट्री थी और उन्हें खांसी-बुखार भी था. जिसके बाद डायलिसिस यूनिटकर्मियों ने बिना जांच डायलिसिस करने से इनकार कर दिया. जिसके बाद महिलाओं का सैंपल लेकर अलीगढ़ भेज दिया गया है. अब जांच रिपोर्ट आने के बाद ही महिलाओं का डायलिसिस किया जाएगा.

दोनों महिलाओं की है ट्रेवल हिस्ट्री

बताया जा रहा है कि दोनों ही महिलाओं की कोरोना प्रभावित क्षेत्र की ट्रैवल हिस्ट्री होने के कारण उन्हें पहले अपनी जांच कराने को कहा गया है. उनकी जांच रिपोर्ट निगेटिव आने पर ही उनका डायलिसिस किया जाएगा. कोरोना के खौफ की वजह से आम रोगियों को कितनी परेशानी हो रही है इसकी सहज ही कल्पना की जा सकती है.

दिखे कोरोना के लक्षण

डायलिसिस यूनिट प्रभारी ने बताया है कि यूनिट पर आयी निधौली कलां की रहने वाली विनीता गुप्ता पत्नी पप्पन गुप्ता उनके केन्द्र पर पिछले 7 माह से डायलिसिस कराती हैं. लेकिन करीब 20 दिनों तक दिल्ली के एक चिकित्सालय में भर्ती रहकर लौटी हैं. जबकि कासगंज जिला मुख्यालय के हाटस्पाॅट वाले इलाके मोहल्ला मोहन से आयी अनुराधा गुप्ता पत्नी सुभाषचंद्र गुप्ता बीते 9 अप्रैल को इस यूनिट पर अपना डायलिसिस कराने के बाद अलीगढ़ मेडीकल कालेज में भर्ती रही हैं. इनके चेहरे पर दाने उभर रहे हैं और इन्हें खांसी-जुकाम भी है.

उधर सीएमएस डाॅ. राजेश अग्रवाल ने कहा है कि दोनों महिलाओं का सैंपल जांच के लिए भेजा जा रहा है इसकी रिपोर्ट आने के बाद ही डायलिसिस हो सकेगी. सीएमएस के  दोनों है मरीज बिना बताए दिल्ली और अलीगढ़ गए थे. अब उनकी रिपोर्ट आने के बाद ही डायलिसिस होगी.