नई दिल्ली: वित्त मंत्रालय ने ब्‍याज-पर-ब्‍याज माफी स्‍कीम (compound interest waiver) में ग्राहकों को बड़ी राहत दी है. मंत्रालय ने बताया कि इस स्कीम का फायदा लेने के लिए आपको किसी भी तरह का प्रोसेस या फिर अप्लाई करने की जरूरत नहीं है. बल्कि आपके अकाउंट में पैसे अपने आप ही ट्रांसफर कर दिए जाएंगे. इसके लिए बैंकों को 5 नवंबर तक का समय दिया गया है. बता दें यह स्कीम लोन मोरेटोरियम (Loan Moratorium) में ब्‍याज-पर-ब्‍याज माफ करने के लिए शुरू की गई है.

मंत्रालय ने जारी किया था FAQ

आपको बता दें मंगलवार को मंत्रालय की ओर से 20 अक्‍सर पूछे जाने वाले सवालों का एक FAQ जारी किया गया था. इसमें ग्राहकों की परेशानियों को दूर करने वाले सवाल के बारे में था. जब से सरकार की ओर से इस स्कीम का ऐलान किया गया तब से ही ग्राहकों के मन में कई तरह के सवाल चल रहे थे, जिसको दूर करने के लिए विभाग ने ये FAQ सेट जारी किया था.

बैंक तैयार करेंगे ग्राहकों के नाम की लिस्ट

बता दें सबसे पहले बैंक और वित्तीय संस्थान अपने उन ग्राहकों की लिस्ट तैयार करेंगे, जिन्होंने मोरेटोरियम सुविधा का फायदा नहीं लिया. यानी जिन्‍हें सरकार के नियमों के अनुसार राहत दी जानी है. इसके बाद में बैंक 1 मार्च से 31 अगस्‍त के बीच में चुकाए गए कंपाउंट ब्याज और साधारण ब्याज के अंतर को ग्राहक के खाते में डालेंगे.

किन लोगों को मिलेगा फायदा?

सरकार की इस स्कीम का फायदा उन ग्राहकों को मिलेगा, जिन्‍होंने मोरेटोरियम का विकल्‍प नहीं चुना था. इसके अलावा उन लोगों के पास 2 करोड़ रुपए तक का कर्ज है.यह रकम 5 नवंबर तक ग्राहकों के लोन अकाउंट में डाल देने के लिए कहा गया है. बाद में बैंक और वित्‍तीय संस्‍थान इस रकम को सरकार से क्‍लेम कर सकते हैं.

किन लोगों को नहीं मिलेगा स्कीम का फायदा?

बता दें जिन लोगों ने फरवरी 2020 तक लोन की EMI का भुगतान किया है सिर्फ उन्ही लोगों को फायदा मिलेगा, जिन ग्राहकों के खाते फरवरी अंत तक नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (एनपीए) के तौर पर क्‍लासिफाई किया जा चुके हैं उन लोगों को इसका लाभ नहीं मिलेगा. इसके अलावा फिक्‍स्‍ड डिपॉजिट, शेयर और बॉन्‍ड पर लिए गए लोन पर भी यह राहत नहीं मिलेगी.

इन लोन पर मिलेगी राहत

ब्याज पर ब्याज माफी योजना पर वित्त मंत्रालय द्वारा जारी FAQ में कहा गया है कि इसके तहत MSME लोन, एजुकेशन लोन, होम लोन, क्रेडिट कार्ड बकाया, ऑटो लोन, पर्सनल लोन पर राहत दी जाएगी.

75 फीसदी ग्राहकों को होगा फायदा

रेटिंग क्रिसिल के अनुसार, छोटे लोन पर कंपाउंड ब्‍याज पर छूट से करीब 75 फीसदी ग्राहकों को फायदा होगा. इससे सरकारी खजाने पर लगभग 7,500 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा.