सरकार की ओर से अन्य संस्थानों के साथ साथ इबादतगाहों को भी कुछ शर्तों के साथ खोलने का ऐलान किया गया है. इस लिए यह जरूरी है कि कोविड-19 से सम्बन्धित गाइड लाइन पर पूरी तरह अमल करते हुए इबादतगाहों के अंदर या बाहर भीड़ न जामा होने दी जाए ताकि इस बीमारी से हम सबको जल्द से जल्द नजात हासिल हो सके और इंसानी जिन्दगी दोबारा मामूल पर आ सके और हम लोग पूरी आजादी के साथ मस्जिदों में नमाजें अदा कर सकें. इन बातों को देखते हुए इस्लामिक सेन्टर आफ इण्डिया फरंगी महल लखनऊ की ओर से मस्जिदों के सिलसिले में निम्नलिखित एडवायजरी जारी की गयी है. इस्लामिक सेन्टर के चेयरमैन मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली इमाम ईदगाह लखनऊ ने कहा कि इस सिलसिले में 15 दिन तक हालात का जायजा लिया जायेगा. अगर कोई तबदीली होगी तो दोबारा एडवायजरी जारी की जा सकती हे. मस्जिद में किसी भी समय भीड़ जमा न होने दें. 10 वर्ष से कम और 65 वर्ष से अधिक आयु वाले मस्जिद न जायें और घर पर ही नमाज अदा करें. मस्जिद में सिर्फ फर्ज नमाज जमाअत के साथ अदा की जाये. सुन्नतें और नफल अपने अपने घर पर अदा करें. हर समय की नमाज के लिए हर मस्जिद में 4 जमाअतें अलग अलग 15-15 मिनट के अन्तर के साथ अदा की जायें. हर नमाज की पहली जमाअत अव्वल समय ही में अदा कर ली जाए ताकि बाद की जमाअतों में कोई परेशानी न हो. जुमे की नमाज के लिए भी अलग अलग 4 जमाअतों का एहतिमाम किया जाए. जुमे का खुतबा छोटा दिया जाए और उर्दू में तकरीर न की जाए. वुजू घर से ही करके जायें.नमाज मास्क लगाकर अदा करें. नमाज में सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा पूरा ख्याल रखा जाए और 2 नमाजियों के बीच में 6 फिट का फासला रखा जाए. मस्जिद के कालीनों और चटाईयों को हटा दिया जाए.
हर नमाज से पहले फर्श को फिनाइल या डिटाॅल से साफ किया जाए और फर्श पर ही नमाज अदा की जाए. वुजू खाने में साबुन रखा जाए और वुजू करते समय साबुन से हाथ जरूर धोया जाए. मस्जिद में रखी हुई टोपियों का इस्तिेमाल न करें बल्कि अपनी टोपी खुद ले जायें. मस्जिद में दाखिल होने या बाहर निकलते समय भीड़ न लगायें. न किसी से गले मिलें और न हाथ मिलायें.