कानपुर.  उत्तर प्रदेश में कानपुर (Kanpur) के गणेश शंकर विद्यार्थी मेडिकल कॉलेज (GSVMC) की प्रिंसिपल प्रोफेसर आरती लाल चंदानी (Prof Arti Lal Chandani) का कुछ दिन पूर्व एक वीडियो वायरल (Viral Video) हुआ था, जिसमें उन्होंने तबलीगी जमात (Tabligh Jamaat) को लेकर विवादित टिप्पणी की थी. वीडियो वायरल होने के बाद मेडिकल कॉलेज से लेकर प्रशासन और उत्तर प्रदेश शासन के अधिकारियों में हड़कंप मच गया. मामले ने तूल पकड़ा और प्रिंसिपल का झांसी मेडिकल कॉलेज ट्रांसफर कर दिया गया.

ब्लैकमेल करने वालों पर एफआईआर की मांग

इस बीच प्रोफेसर आरती लालचंदानी ने डीआईजी अनंत देव तिवारी को प्रार्थना पत्र दिया है, जिसमें उन्हें ब्लैकमेल (Blackmail) करने वाले तथाकथित पत्रकारों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने की मांग की है. साथ ही उन्होंने अपनी जान को खतरा बताते हुए गनर (Gunner) की मांग की है. इस पूरे मामले पर पुलिस उपमहानिरीक्षक ने प्राचार्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गनर मुहैया कराया है. पुलिस उपमहानिरीक्षक अनंत देव ने बताया चूंकि प्राचार्य का एक को वीडियो वायरल हुआ है और जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, एक अंगरक्षक उनके साथ सुरक्षा हेतु रहेगा.

उन्होंने कहा कि जहां तक बात प्राचार्य के आरोप की है कि कोई उन्हें ब्लैकमेल कर रहा है. इस मामले में जांच क्षेत्राधिकारी स्वरूपनगर को दी गई है. जांच रिपोर्ट आने के उपरांत आगे की कार्रवाई की जाएगी. इस पूरे मामले पर जब अधिवक्ता नासिर खान से बात की उन्होंने बताया कि प्राचार्य मीडिया माइलेज गेन करने के लिए यह सब कर रही हैं. न ही उन्हें किसी से खतरा है और न ही काई उन्हें ब्लैकमेल कर रहा हैं.

सीपीआईएम की सुभाषिनी अली ने की एफआईआ की मांग

बता दें वीडियो वायरल होने के बाद प्रिंसिपल के खिलाफ मुस्लिम संगठनों ने मोर्चा खोला, वहीं अधिवक्ता नासिर खान द्वारा डीआईजी को प्रार्थना पत्र दिया गया, जिसमें प्राचार्य के खिलाफ अभियोग पंजीकृत करने की दरखास दी गई. डीआईजी ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं. वहीं इस मामले को पूर्व सांसद व सीपीआईएम की नेता सुभाषिनी अली ने भी उठाया है और सरकार से प्राचार्य आरती लालचंदानी को निलंबित करने और उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने की मांग की है.