दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी से गुरुवार को कमलनाथ ने मुलाकात की है। इससे अटकलें तेज हो गई हैं कि कमलनाथ को सोनिया गांधी बड़ी जिम्मेदारी दे सकती है। अगर ऐसा होता है, तो कमलनाथ की वापसी राष्ट्रीय राजनीति में हो जाएगी। कमलनाथ पिछले दो सप्ताह से दिल्ली में ही हैं। उनकी सक्रियता बढ़ने को लेकर पार्टी में चर्चा है कि वे राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे गतिरोध को दूर करने की भूमिका में हैं। इन सबके बीच वे मध्य प्रदेश में संगठन को मजबूत करने हाईकमान से कुछ फैसले कराने की कवायद कर रहे हैं। महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कौन होगा? इसकाे लेकर पेच फंसा है। कमलनाथ चाहते हैं कि महिला कांग्रेस की सक्रियता ज्यादा नजर आए। महंगाई सहित अन्य मुद्दे पर महिलाओं से संवाद कर उनको कांग्रेस के पाले में लाया जा सकता है।

मध्य प्रदेश में महिला कांग्रेस अध्यक्ष का पद अप्रैल में मांडवी चौहान का कोरोना से निधन होने के बाद से खाली है। हाल में उप चुनाव और स्थानीय निकाय चुनाव होने हैं। ऐसे में प्रदेश की आधी आबादी को साधने के लिए महिला कांग्रेस को सक्रिय करने के लिए कमलनाथ जल्द ही अध्यक्ष की नियुक्ति चाहते हैं। इस पद के लिए दावेदारों की लिस्ट लंबी है।

पार्टी सूत्रों का कहना है कि महिला कांग्रेस अध्यक्ष का फैसला हाईकमान को करना है। कमलनाथ अपने धुर राजनीतिक विरोधी ज्योतिरादित्य सिंधिया को काले झंडे दिखाने वाली और एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान उनसे झगड़ने वाली उज्जैन की नूरी खान को कमान देना चाहते हैं। जबकि दिग्विजय सिंह ने भोपाल की पूर्व महापौर विभा पटेल का नाम बढ़ाया है, हालांकि नूरी खान के नाम पर प्रदेश प्रभारी मुकुल वासनिक भी सहमति दे चुके हैं।

अगस्त 2018 में नूरी खान उस वक्त चर्चा में आईं थीं, जब उन्होंने कांग्रेस सांसद और एमपी कांग्रेस के चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ राहुल गांधी को चिट्‌ठी लिखी थी। उन्होंने इसमें प्रेस कांफ्रेंस के दौरान मंच से नीचे उतारने को अपना अपमान बताया था।

यही वजह है, कमलनाथ दिल्ली में महिला कांग्रेस अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर सक्रिय हैं। हालांकि यूथ कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रही रश्मि पवार, महिला कांग्रेस की प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष कविता पांडे, अंजू जायसवाल व अंजू सिंह बघेल की इस पद के लिए दावेदार हैं।

कमलनाथ के प्रशांत किशोर से बेहतर संबंध

कांग्रेस पार्टी के भीतर चर्चा चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर को लेकर भी है। कमलनाथ के प्रशांत किशोर से बेहतर संबंध हैं। प्रशांत किशोर ने मंगलवार को कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से मुलाकात की थी। इसके बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि प्रशांत किशोर 2024 में होने वाले लोक सभा चुनाव के लिए बड़ी योजना तैयार कर रहे हैं। इसके ठीक अगले दिन गुरुवार को कमलनाथ 10 जनपथ पहुंचे थे। पार्टी सूत्रों का कहना है कि कमलनाथ की मुलाकात प्रशांत किशोर भी कांग्रेस में संभावित भूमिका को लेकर हुई है।

कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने की अटकलें

पार्टी के भीतर अध्यक्ष पद को लेकर पिछले कई दिनों से चर्चा जारी है। इस पद के लिए कांग्रेस अपने सबसे वफादार और वरिष्ठ नेता कमलनाथ के बारे में सोच रही है। कमलनाथ को यह जिम्मेदारी मिलती है, तो यह कांग्रेस में बड़ा बदलाव होगा, हालांकि उन्होंने सोनिया-प्रियंका से मुलाकात के बाद कहा कि वे मध्य प्रदेश नहीं छोड़ना चाहते हैं।

चुनाव में लगातार हार से उठे सवाल

सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस पार्टी का पिछले कुछ समय से चुनाव में खराब प्रदर्शन जारी है। हाल में हुए पश्चिम बंगाल और असम के विधानसभा चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन खराब रहा। अगले साल पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव भी होने हैं। ऐसे में पार्टी के अध्यक्ष पद को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे। अध्‍यक्ष पद को लेकर जारी मंथन में कमलनाथ सहित कई नाम सामने आए थे। राहुल गांधी पहले ही साफ कर चुके हैं कि वह पार्टी का अध्यक्ष पद नहीं संभालेंगे। ऐसे में किसी वरिष्ठ नेता की तलाश की जा रही थी। माना जा रहा है कि मानसून सत्र के बाद कमलनाथ के नाम पर मुहर लग सकती है।