• री-टोटल के लिए निर्धारित फीस देने के बावजूद उत्तर पुस्तिकाएं बिना देखे ही परिणाम नो चेंज बताया

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा जारी 12वीं कक्षा की मार्कशीट और उत्तर पुस्तिका में अलग-अलग अंक दिए जाने का मामला प्रकाश में आया है। अब छात्र के परिजन इस गलती को सुधरवाने के लिए सीबीएसई के रीजनल दफ्तर चक्कर लगा रहे हैं। मामला कुचामन सिटी नागौर के सेंट पोल्स स्कूल के छात्र शिवराज मोहन पुरिया का है। 12वीं साइंस बायोलाॅजी के इस छात्र की मार्क्सशीट व कॉपियों में अलग-अलग प्राप्तांक दर्शाकर उसे फेल करने का है। छात्र के पिता विजय कुमार मोहनपुरिया ने बताया कि उनके पुत्र छात्र शिवराज मोहनपुरिया कुचामन सिटी जिला नागौर राजस्थान की 12वीं कक्षा सीबीएससी बोर्ड की फरवरी 2020 में संपन्न हुई। उसे दो विषय फिजिक्स में 14 अंक तथा बायोलॉजी में 19 अंक देकर फेल कर दिया गया है।

परिणाम के बाद उन्होंने रिटोटलिंग कराई। इसमें नो चेन्ज रिजल्ट दिखाया गया। इसके बाद छात्र की उत्तर पुस्तिका ऑनलाइन मंगवाई गई, तो मालूम हुआ कि फिजिक्स की उत्तर पुस्तिका में टोटल 6 अंक दिए गए तथा बायोलॉजी में ग्राण्ड टोटल कुल 10 ही अंक दिए गए हैं।
विजय कुमार ने कहा कि रिटोटल के लिए ऑनलाइन आवेदन कर निर्धारित फीस प्रति उत्तर पुस्तिका 500 रुपए देने के बाद भी उत्तर पुस्तिकाएं बिना देखे ही नो चेंज लिखकर भेजना एक गंभीर त्रुटि और लापरवाही का है। उन्होंने इसकी जांच कराने की मांग की है।
छात्र के पिता विजय कुमार ने दावा किया है कि उत्तर पुस्तिकाओं के उत्तर का मिलान आन्सर की से किए जाने पर दोनों विषय में नियमानुसार 35-35 नंबर मिलने चाहिए। ब्ल्यू बुक में दिये निर्देश के अनुसार परिभाषा व फार्मूला के भी अंक होते हैं, जो छात्र को दिए ही नहीं गए हैं। ऐसी स्थिति में जब सरकार कोरोना काल में छात्रों को बिना परीक्षा लिए अगली कक्षाओं में प्रमोट करने पर विचार कर रही है। पास होने वाले छात्र को फेल किया जाना छात्र के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं। गलती करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।

शिकायत नहीं मिली है
अभी इस मामले में मुझे कोई शिकायत नहीं मिली है। कोई मामला आएगा तो दिखवा लेंगे।
-पूनम रानी, रीजनल ऑफिसर, सीबीएसई अजमेर