आगरा में बन रहे मुगल म्यूजियम का नाम बदल गया है। अब यहां छत्रपति शिवाजी महाराज के नाम से संग्रहालय बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। उसी अनुरूप डिजाइन भी तैयार किया जाएगा। संग्रहालय परिसर में शिवाजी की आदमकद प्रतिमा लगाई जाएगी। प्रदर्शनी के लिए आर्ट गैलरी बनाई जाएगी। शिवाजी के साहस का बखान करने वाली शार्ट मूवी भी यहां पर दर्शकों को दिखाई जाया करेंगी।

संग्रहालय के आर्किटेक्ट का काम देख रही कंपनी आरकोहम को यह जानकारी दे दी गई है। अभी तक सब कुछ मुगलिया अंदाज में तैयार करने की योजना थी। अब नए सिरे से योजना पर काम होगा। संग्रहालय में मुगलकाल के स्थान पर ब्रज की संस्कृति को दिखाने पर ज्यादा फोकस होगा। अन्य संस्कृतियों का भी संग्रहालय में समावेश किए जाने की प्राथमिकता तय की गई है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रालय ने इस दिशा में काम करने के लिए अधिकारियों से परामर्श शुरू कर दिया है। इतिहासविदों की भी मदद ली जाएगी। 

बिजनेस प्लान भी तैयार होगा
अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने अधिकारियों को संग्रहालय का बिजनेस प्लान बनाने के निर्देश दिए हैं। संग्रहालय में सैलानियों के आने पर किस तरह बिजनेस हो सकता है, उस पर फोकस रखा जाए। प्रोपुअर प्रोजेक्ट के तहत हैंडीक्राफ्ट का डिस्प्ले करने से लेकर उसके तैयार करने की विधि को भी सैलानियों को दिखाने की योजना है। डिजाइन तैयार करने वाली कंपनी को इस बारे में दिशा निर्देश दिए गए हैं। 

धन की कमी नहीं आएगी आड़े 
संग्रहालय के लिए अभी तक 94 करोड़ रुपये जारी हो सके थे। इसकी लागत बढ़कर अब 172 करोड़ हो चुकी है। महीनों से धनराशि जारी न मिलने से काम रुका हुआ था। संग्रहालय का नाम बदलने के बाद सरकार की भी रुचि इसके प्रति बढ़ जाएगी। ऐसे में संग्रहालय का काम पूरा कराने के लिए शेष 78 करोड़ रुपये जल्द जारी होने की संभावना है। 

संग्रहालय में मुख्यालय स्तर पर बिजनेस प्लान तैयार किया जा रहा है। सैलानियों के आने और उनके द्वारा खरीदारी को भी समाहित करने की योजना पर काम हो रहा है। आरकोहम कंपनी द्वारा परिवर्तित डिजाइन तैयार किया जा रहा है।