चूरू. जिला मुख्यालय स्थित जिला स्तरीय कोविड डेडिकेटेड (Covid Dedicated Hospital) राजकीय भरतिया अस्पताल में अव्यवस्थाओं का किस तरह का आलम है यह रविवार देर शाम जिला कलक्टर के कार्यालय में हुई बैठक में सामने आया. इस बैठक में जिला कलक्टर, चिकित्सा अधिकारी और पूर्व चिकित्सा मंत्री एवं उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ (Rajendra Rathore) मौजूद थे.

मीटिंग के दौरान व्यवस्थाओं में सुधार की मांग को लेकर विधानसभा उपनेता प्रतिपक्ष राठौड़ जिला प्रशासन और चिकित्सा अधिकारियों के सामने हाथ जोड़ते नजर आये. मीटिंग में व्यवस्थाओं को सुधारने के लिये उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ चिकित्सा अधिकारियों के सामने हाथ तो जोड़े लेकिन इसके साथ ही चेतावनी भी डाली.

राठौड़ बोले कोई इसे स्टंट माने या मेरा दर्द कोई फर्क नहीं पड़ता
अव्यवस्थाओं से उखड़े राठौड ने कहा कि यदि यह व्यवस्था नहीं सुधरती है तो मै यहां कलक्टर साब के दफ्तर में आमरण अनशन पर बैठ जाऊंगा. फिर चाहे कोई इसे स्टंट माने या मेरा दर्द कोई फर्क नहीं पड़ता. जब राजस्थान में खबरें आयेगी तो लोग मेरे पर आरोप लगायेंगे कि मै राजनीति कर रहा हूं लेकिन मैं अनशन करूंगा.


धरती के भगवान को इस आपातकाल में काम करना पड़ेगा
इसके बाद चिकित्सा महकमे के अधिकारी राठौड़ से व्यवस्थाओं में सुधार की बात को लेकर एक दूसरे की शिकायत करते नजर आये. इस पर राठौड़ गत दिनों हुये कुछ घटनाक्रमों का जिक्र करते हुये कहा कि ऐसा नहीं होता है. यह सदोष हत्या का मामला है. यदि कोई रिट पिटिशन में जायेगा तो. राठौड़ ने कहा कि धरती के भगवान को इस आपातकाल में काम करना पड़ेगा.

तालमेल के अभाव में गंभीर मरीज दम तोड़ रहे हैं
दरअसल चूरू के मेडिकल कॉलेज प्राचार्य, राजकीय भरतिया अस्पताल प्रशासन और चिकित्सकों के बीच तालमेल के अभाव में गंभीर मरीज दम तोड़ रहे हैं. लेकिन अभी तक अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ है. ऐसा नहीं कि चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी काम नहीं कर रहे हैं, लेकिन अव्यवस्थाओं के चलते पूरी मेहनत पर पानी फिर रहा है. गौरतलब है कि चूरू में भी कोरोना जबर्दस्त तरीके से पैर पसार रहा है.