नई दिल्ली: देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने पाकिस्तान (Pakistan) को जमकर फटकार लगाई है. अपने ताजा बयान में राजनाथ सिंह ने कहा कि पाकिस्तान (Pakistan) अपनी हरकतों से सुधर जाए नहीं तो उसे मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा.

सामरिक मोर्चे पर हुए कई काम
आपको बता दें कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह उत्तराखंड दौरे पर हैं जहां उन्होंने देश में सामरिक महत्व को लेकर किए गए कामों के बारे में जानकारी भी साझा की. उन्होंने कहा, 'पिछले साढ़े सात वर्षों में उत्तराखंड समेत पूरे देश में रेल-रोड और एयर कनेक्टिविटी की दृष्टि से ऐतिहासिक काम हुआ है. चारों धाम के महत्व को देखते हुए एक ऑल वेदर रोड (All Weather Road) का निर्माण शुरू हुआ. जिस पर तेजी से काम हो रहा है. लिपुलेख के रास्ते धारचुला होते हुए मान सरोवर तक जाने का रास्ता भी बन गया है. यह रास्ता सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होने के साथ आर्थिक और सामरिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है.'

'सैन्य संबंधों की चर्चा'
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने यह भी कहा, भारत और नेपाल के बीच रोटी-बेटी के साथ-साथ एक सैन्य संबंध भी है. पिछले दिनों जब नेपाल के थल सेना अध्यक्ष, जनरल प्रभुराम शर्मा भारत आए तो उन्होंने भारत के राष्ट्रपति ने ‘जनरल ऑफ द इंडियन आर्मी’ का आनरेरी रैंक प्रदान किया. ये दोनों देशों के बीच संबंधों को दिखाता है.'

'पूर्व सैनिकों के साथ है सरकार'
रक्षा मंत्री ने ये भी कहा, 'दशकों से लंबित वन रैंक-वन पेंशन (OROP) की मांग को इसी सरकार ने पूरा की है. शार्ट सर्विस कमीशन के माध्यम से सेना में आए अधिकारियों की शिकायत थी कि सेवा से मुक्त होने के बाद उन्हें रैंक लगाने की इजाजत नही थी. हमने उनकी वह शिकायत दूर कर दी है. पूर्व सैनिकों की पेंशन से जुड़े मामलें अटके, भटके और लटके नहीं इसके लिए अब एक डेडिकेटेड पेंशन ग्रीवांस सेल (Dedicated Pension Grivances Cell) है, जिसमें 97% मामलों का सफलतापूर्वक निस्तारण हो रहा है. बैटल कैज्युलटी के मामलों में पहले सिर्फ 2 लाख रूपए की एक्स ग्राशिया (Ex-Gratia) राशि दी जाती थी. हमने उसे चार गुना बढ़ा कर अब 8 लाख कर दिया है. पचास सालों में  नौ सेना और एयर फोर्स के पर्सनेल के लिए पेंशन रेग्यूलेशन को रिवाइज (Revise) नहीं किया गया था. हमने दिसम्बर 2020 में तीनों सेनाओं के पेंशन रेग्यूलेशन की रिवाइज करने के आदेश भी दे दिए है.'