भोपाल. मध्य प्रदेश में ऑक्सीजन की कमी से हाहाकार मचा हुआ है. रोज किसी न किसी जिले में इसकी वजह से मौतें हो रही हैं. ऑक्सीजन की वजह से शहडोल में हुई 12 मौतों का मामला ठंडा भी नहीं पड़ा है कि भोपाल से भी इसी तरह की खबर सामने आई है.जानकारी के मुताबिक, प्रदेश की राजधानी भोपाल के पीपुल्स अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से 10 से 12 मरीजों की मौत हो गई. इसके बाद पूरे अस्पताल में हड़कंप मच गया. हालांकि, अस्पताल प्रबंधन ने इस बात से साफ इनकार किया है. अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि सुबह ऑक्सीजन सप्लाई कुछ देर के लिए बाधित जरूर हुई थी, लेकिन इसकी वजह से मौतें नहीं हुई हैं.

मरीजों के परिजन लगातार कर रहे थे शिकायत
बताया जा रहा है कि पिछले कई दिनों से मरीजों के परिजन इस बात की शिकायत कर रहे थे कि पीपुल्स अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी है. अस्पताल स्टाफ बाकायदा यह बात बताकर मरीजों को भर्ती भी कर रहे थे. सूत्रों के मुताबिक, इसी अस्पताल में पिछले दिनों सागर निवासी रमाकांत तिवारी की मौत भी हो गई थी.

अस्पताल का दावा- ऑक्सीजन की मात्रा कम-ज्यादा होती रहती है
अस्पताल में ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध न होने से देर रात या सुबह ऑक्सीजन खत्म या कम हो जाती है. बताया जा रहा है कि पीपुल्स कोविड हॉस्पिटल सेंटर में सोमवार सुबह ऑक्सीजन सप्लाई बाधित होने से 10 से 12 मरीज़ों क़ी मौत हो गई. इधर, अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि मौत होने की वजह तबीयत का ज्‍यादा बिगड़ना है. ऑक्सीजन की सप्लाई कम या ज्यादा होती रहती है.

दो दिन पहले शहडोल में हुई थीं मौतें
दो दिन पहले शहडोल में भी ऑक्सीजन की कमी से 12 कोविड मरीजों की मौत हो गई थी. यह घटना शहडोल मेडिकल कॉलेज में हुई थी. इन 12 मौतों की पुष्टि शहडोल के अपर कलेक्टर अर्पित वर्मा ने भी की थी. जानकारी के मुताबिक, ऑक्सीजन का प्रेशर शनिवार रात 12 बजे अचानक कम हो गया. इसके बाद मरीज तड़पने लगे. परिजन मास्क दबा कर उन्हें राहत देने की कोशिश करते रहे, लेकिन वे नाकाम रहे. इसके बाद सुबह 6 बजे तक भी स्थिति नहीं संभली और 12 मरीजों ने दम तोड़ दिया. इसके बाद ICU में भर्ती इन मरीजों के परिजनों ने अफरा-तफरी मचा दी. इसके पहले भोपाल, सागर, जबलपुर, उज्जैन में ऑक्सीजन की कमी से संक्रमित गंभीर मरीजों की मौत हो चुकी है.