कुम्भ के अन्नपूर्णा थाने के पूर्व प्रभारी इंस्पेक्टर मिथिलेश राय की शनिवार सुबह रहस्यमय परिस्थिति में मौत हो गई। थाना परिसर में उनकी हालत बिगड़ी और खून की उल्टियां होनी लगीं। उन्हें अस्पताल भेजा गया, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण बीमारी बताया जा रहा है।

गाजीपुर जिले के हरिहरपुर, मोहम्मदाबाद के रहने वाले इंस्पेक्टर मिथिलेश राय की भदोही जिले में तैनाती थी। उनकी पत्नी रीना अपने दोनो बच्चों यशी व यशस्वी को लेकर मिर्जापुर में रहती हैं। मिथिलेश राय कुम्भ ड्यूटी पर दिसंबर 2018 में आ गए थे। उन्हें अन्नपूर्णा थाने का इंचार्ज बनाया गया था। कुछ दिन पहले ही मिथिलेश राय के आचरण के बारे में कई शिकायतें मिलीं। इसके बाद डीआईजी कुम्भ केपी सिंह ने उन्हें निलंबित कर दिया। निलंबित होने के बाद भी मिथिलेश थाना परिसर में रहते थे।

शुक्रवार रात में खराब हुई थी तबीयत
बताया जा रहा है कि शुक्रवार रात में ही मिथिलेश की हालत बिगड़ गई थी। उस वक्त उन्हें खून की उल्टी हुई थी, लेकिन सिपाहियों के कहने के बाद भी वह डॉक्टर के पास नहीं गए। शनिवार सुबह करीब 9 बजे थाने में तैनात एक सिपाही उनके शिविर में पहुंचा तो देखा कि वह अचेत पड़े थे। उसने शोर मचाया तो थाने के पुलिसकर्मी पहुंच गए।  

लीवर भी हो चुका था खराब 
मिथिलेश ने खून की उल्टियां की थीं। डीआईजी केपी सिंह को सूचना दी गई। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने मिथिलेश को स्वरूपरानी अस्पताल भेजा जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना की जानकारी मिलते ही उनके परिवार में कोहराम मच गया। बताया जा रहा है कि मिथिलेश राय शराब पीने के आदी थे, जिससे उनका लीवर खराब हो गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक सेप्टिक अल्सर के कारण उन्हें खून की उल्टियां हुई थीं।