अलीगढ़ । प्रदेश सरकार के निर्देश पर निराश्रित गौवंश के संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति जन-जागरूकता, नागरिकों में गौवंश के प्रति सहृदयता, सद्भावना एवं दयाभाव विकसित करने के उद्देश्य से जनपद भर में गोपाष्टमी पर्व का आयोजन किया गया। जनपद की समस्त गौशालाओं समेत मुख्य कार्यक्रम तहसील गभाना के वृहद गौशाला केन्द्र नगला ओगर राजू में आयोजित किया गया। मुख्य कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक ठा0 दलवीर सिंह, जिलाधिकारी चन्द्र भूषण सिंह, मुख्य विकास अधिकारी अनुनय झा समेत पशुपालन, विकास व राजस्व के अधिकारियों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रतिभाग किया गया। 
गौ-पूजा को समर्पित पर्व गोपाष्टमी कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की अष्टमी पर आयोजित किया गया। प्राचीन परम्परा के अनुसार गाय-बछड़े एवं भगवान श्रीकृष्ण की पूजा की जाती है। गोपाष्टमी उत्सव गाय के संरक्षण से जुड़ा हुआ त्योहार है। भगवान श्रीकृष्ण द्वारा कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा से लेकर सप्तमी तक देवराज इन्द्र के प्रकोप से गौ, गोप एवं गोपियों की रक्षा के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्टिका उंगली पर धारण किया गया था। कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष अष्टमी के दिन देवराज इन्द्र ने अपनी पराजय स्वीकार की थी और उनका अहंकार टूट गया, और वह भगवान श्रीकृष्ण की शरण में आ गये थे। 
प्रदेश सरकार के निर्देश पर नगला ओगर राजू में स्थित वृहद गौशाला में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में गौशाला की सभी गायों को स्नान कराया गया। इसके बाद पुष्प, अक्षत, गंध आदि से विधि-विधान पूर्वक हवन का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक ठाकुर दलवीर सिंह, जिलाधिकारी चन्द्र भूषण सिंह, सीडीओ अनुनय झा समेत अन्य अधिकारियों ने गायों का माल्यार्पण किया और गुड़ भी खिलाया। जनप्रिय विधायक ठाकुर दलवीर सिंह ने कहा कि गाय का दूध अमृत के समान होता है, वहीं उसका गोबर व मूत्र भी बहुउपयोगी होता है। गाय के दूध और मूत्र से अनेक प्रकार की औषधियां बनाई जाती हैं, जिनका उपयोग साधारण से लेकर गंभीर बीमारियों के इलाज में किया जाता है। सही मायने में गाय का मानव जीवन में बेहद खास ही महत्व है। प्राचीन ग्रन्थों एवं ऋषि मुनियों द्वारा गाय को जीवन दायिनी भी कहा गया है। 
जिलाधिकारी चन्द्र भूषण सिंह ने कहा कि आज के दिन आमजन को गौपालन, गौ सेवा, गौ रक्षा व पर्यावरण बचाने एवं संरक्षित करने का भी संकल्प लेना चाहिए। गोपाष्टमी वास्तविकता में प्रकृति और पर्यावरण की ही पूजा है। गोपाष्टमी का पर्व पर्यावरण के प्रति जागरूक एवं संरक्षण का संदेश देता है। आज के दिन भगवान श्रीकृष्ण द्वारा सर्व कल्याण भाव से अपनी कनिष्टिका पर गोवर्धन पर्वत को उठाया गया था, तभी से सम्पूर्ण विश्व में प्रतिवर्ष गोपाष्टमी का पर्व कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की अष्टमी को मनाया जाता है। मुख्य विकास अधिकारी ने सन्देश देते हुए कहा कि अनादिकाल से पूजनीय को जीवन का आधार माना गया है। हर घर मे एक गाय अवश्य पाली जानी चाहिए। विधायक समेत अभी अधिकारियों द्वारा आयोजित हवन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया गया। गौशाला में जीवन यसपन कर रहीं गायों को हरी घास खिलाई गयी, टीकाकरण भी कराया गया। इन दौरान एसडीएम प्रवीण कुमार, तहसीलदार रेशमा सहाय, कानूनगो राष्ट्र गौरव, सीवीओ डॉ0 बी पी सिंह, डॉ0 के पी वार्ष्णेय, पशु चिकित्सक डॉ0 देवेंद्र सिंह, डॉ0 अरविंद कुमार, पशुधन प्रसार अधिकारी सुबोध कांत राठौड़, कोमल राम, संजीव कुमार,दिनेश कुमार, ब्रहम्म प्रकाश, लेखपाल गोपी पांडेय और विक्रम सिंह उपस्थित रहे। 
हमेशा की तरह जिला मजिस्ट्रेट चन्द्र भूषण सिंह ने एक बार फिर साबित किया कि जरूरतमंदों के मदद करना कि सच्चा मानव धर्म है