बिहार में बहार है, कोरोना की बेलगाम रफ्तार है। नेता हवाई दौरा कर रहे हैं, भीड़ में धक्का-मुक्की के बीच जय-जयकार हो रहा है। यह डराने वाली तस्वीर बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान सामने रही है। कोविड की गाइडलाइन हवा में उड़ रही है। लापरवाही की भीड़ में एक भी संक्रमित शामिल हुआ तो कोरोना की कड़ी काफी बड़ी होगी। पटना में चुनाव की सरगर्मी में एक दर्जन से अधिक नेताओं का देश के विभिन्न राज्यों से आना हुआ है। कोई मास्क लगाया तो कोई बिना मास्क के ही आया और चला गया। पार्टी कार्यालयों में बैठक हो या फिर कांफ्रेंस, भीड़ डराने वाली होती है। यह स्थिति तब है जब प्रदेश में कोरोना का आंकड़ा 192671 के पार है और पटना में भी 29583 है।

यह है कोविड की गाइडलाइन
कोरोना काल में चुनाव को लेकर जारी गाइडलाइन में कहा गया है कि सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा पालन करना है। बाहर से आने वाले नेताओं को भीड़ से दूर रहना है और मास्क सैनिटाइज का उपयोग करना है। नेताओं के मंच पर भीड़ नहीं होना चाहिए और दो कुर्सियों के बीच दूरी बनाकर रखना है। एयरपोर्ट पर थर्मल स्कैनर की भी व्यवस्था की गई है। बाहर से आने वालों की कोविड जांच कराने का नियम है। इसमें यह भी कहा गया है कि खुद से गंभीर रहें और समय-समय पर जांच कराते रहें। नेताओं के लिए यह गाइडलाइन है कि वह बार-बार लोगों से मिलते-जुलते रहते हैं, भीड़ में जाते हैं, ऐसे में उन्हें कोविड को लेकर काफी गंभीर होना होगा।

ऐसे टूट रही कोविड की गाइडलाइन
एयरपोर्ट पर आने के बाद सिर्फ थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है। कम समय में व्यस्त कार्यक्रम के कारण बाहर से आने वाले नेता कोविड जांच नहीं करा रहे हैं। कार्यक्रम में पहुंचने के बाद नेता सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं कर रहे हैं। सिविल सर्जन विभा कुमारी का कहना है कि कोरोना का खतरा है और इसके लिए लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। नियम तो है कि बाहर से आने वाले लोग जांच कराकर आएं या फिर पटना में आकर जांच कराएं। सावधानी बहुत जरूरी है। चुनाव का माहौल है, भीड़ में संक्रमण होने से समस्या होगी।
कांग्रेस कार्यालय में चुनाव की तैयारियों को लेकर 24 सितंबर को पटना के कांग्रेस कार्यालय सदाकत आश्रम में प्रेसवार्ता आयोजित की गई थी। इसमें एआईसीसी के महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला, बिहार के पूर्व प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल के साथ छत्तीसगढ के स्वास्थ्यमंत्री से लेकर कई बड़े दिग्गज नेता जुटे थे। मंच से लेकर कार्यकर्ताओं की भीड़ तक कोरोना की गाइडलाइन टूटी। राजद के टिकट बंटवारे के दौरान भी मौर्या होटल में मुकेश सहनी के विरोध के बाद जिस तरह से भीड़ उमड़ी कोरोना की गाइडलाइन ध्वस्त हो गई। चुनाव के तारीखों की घोषणा के दिन ही राजद ने किसान बिल के विरोध में विरोध मार्च किया था, इस विरोध में कोरोना की गाइडलाइन का पालन नहीं हुआ। पटना में असदुद्दीन ओवैसी, देवेंद्र फडणवीस, भूपेंद्र यादव, अविनाश पांडेय, रघुवर दास से लेकर एक दर्जन से अधिक नेता पटना आए, जबकि बिहार के लगभग सभी पार्टियों के बड़े नेता दिल्ली चुनावी बैठक में कई बार आए गए हैं।

पार्टियों ने कहा- नहीं मानती भीड़
राजद के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी का कहना है कि कार्यालय में मास्क लगाने के साथ सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने को कहा जाता है। भीड़ अधिक होती है तो मुश्किल हो जाती है। बिहार कांग्रेस के प्रवक्ता राजेश राठौर का कहना है कि मास्क और सैनिटाइजर के इस्तेमाल के साथ सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने को कहा जा रहा है। बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष मदनमोहन झा का कहना है कि कोरोना के समय में चुनाव कराकर ही आबादी कम करने का प्लान है। हम लोग बचाव को लेकर सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क के साथ सैनिटाइजर का प्रयोग करा रहे हैं, लेकिन भीड़ में बचाव संभव नहीं है। सब कुछ भगवान के भरोसे हो गया है।