दिल्ली/रायपुर. छत्तीसगढ़ कांग्रेस (Congress) किसान बिल के खिलाफ 20 लाख लोगों के हस्ताक्षर कराने की तैयारी में है. इसके साथ ही देश भर में दो करोड़ लोगों के भी हस्ताक्षर कराकर राष्ट्रपति को ज्ञापन कांग्रेस सौंपेगी. छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रभारी पीएल पुनिया ने कहा कि किसान बिल (Farm Bill) उद्योग घरानों को फायदा पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार ने पास कराए हैं. उन्होंने कहा कि न तो पीएम नरेंद्र मोदी और न ही कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर किसान हैं. उन्हें किसानों की दिक्कतों के बारे कुछ नहीं पता है.

विपक्ष द्वारा किसानों को गुमराह करने के सवाल पर पीएल पुनिया ने कहा कि केंद्र सरकार अपने घटक दलों को क्यों सच्चाई नहीं बता रही है. बिल किसान विरोधी है, इसलिए ही अकाली दल से केंद्र में मंत्री हरसिमरत कौर ने इस्तीफा दिया था. उन्होंने बताया कि किसान बिल के खिलाफ 29 सितंबर को छत्तीसगढ़ की राज्यपाल को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया जाएगा।.

कांग्रेस चलाएगी हस्ताक्षर अभियान

पीएल पुनिया का कहना है कि तीन अक्टूबर से राज्य में बिल के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान शुरू करेंगे. करीब 20 लाख लोगों के हस्ताक्षर लेने के बाद 7 नवंबर को कांग्रेस मुख्यालय में सूची दी जाएगी. फिर 14 नवंबर को देशभर के दो करोड़ लोगों के हस्ताक्षर वाला ज्ञापन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को देंगे. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार श्रम कानून पहले ही उद्योग घरानों को फायदा पहुंचाने नरम कर चुकी है. अब केंद्र सरकार ने उद्योग घरानों को फायदा पहुंचाने के लिए कानून में बदलाव किया है.
कांग्रेस का चरणबद्ध आंदोलन शुरू

केंद्रीय कृषि बिल के विरोध में कांग्रेस का चरणबद्ध आंदोलन शुरू हो गया है. गुरुवार को देश भर में कांग्रेस नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विधायक से किसानों को होने वाले नुकसान के बारे में बताया. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नागपुर में प्रेस वार्ता ली, तो वहीं स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस लेकर कृषि कानून के विरोध की वजह को लेकर पत्रकारों से चर्चा की. छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सोशल मीडिया में स्पीक फॉर फार्मर अभियान चलाएगी. इसके साथ ही राजीव भवन से राजभवन तक पदयात्रा निकालकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा. 10 अक्टूबर को सभी जिला मुख्यालयों में प्रदर्शन होगा. इसके अलावा हस्ताक्षर अभियान के जरिए भी विरोध दर्ज कराया जाएगा.
छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया ने कहा कि 26 सितंबर को कांग्रेस स्पीक अप फॉर फार्मर के जरिए सोशल मीडिया में बिल का विरोध करेगी. 29 सितंबर को राजीव भवन से राजभवन तक पदयात्रा करते हुए राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा. फिर, 2 अक्टूबर को किसान मजदूर बचाओ आंदोलन सभी जिला मुख्यालयों में चलाया जाएगा. 2 से 31 अक्टूबर के बीच हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा.