कृषि बिल के खिलाफ कमलनाथ ने चौरई में निकाली ट्रैक्टर रैली, भोपाल में पूर्व मंत्री शर्मा करेंगे चक्काजाम
 

कृषि कानूनो के खिलाफ पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने छिंदवाड़ा के चाैराई में ट्रेक्टर रैली निकाल कर विरोध किया।
कमलनाथ का आरोप, कृषि बिल लागू होने से किसान उद्योगपतियों के बंधुआ मजदूर हो जाएंगे।

कृषि कानून के खिलाफ और दिल्ली में जारी किसान आंदोलन के समर्थन में कांग्रेस आज पूरे प्रदेश में आंदोलन कर रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने छिंदवाड़ा के चौरई में ट्रैक्टर रैली निकाली। जबकि भोपाल में पूर्व मंत्री पीसी शर्मा रोशनपुरा चौराहे पर धरने पर बैठे हैं। यहां कांग्रेस शाम 4 बजे चक्काजाम करेगी।

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के तीनों कृषि बिल लागू होने से किसान, उद्योगपतियों के बंधुआ मजदूर हो जाएंगे। हम किसानों के हितों की रक्षा करने के लिए सड़क पर उतरे हैं। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसान बुरी तरह प्रभावित होंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार किसानों को खत्म करने का काम कर रही है। कृषि कानूनों की बुनियाद ही कमजोर है। इस कानून का केवल हम ही नहीं करे रहे, बल्कि एनडीए के घटक दल भी विरोध कर रहे हैं। क्योंकि यह एमएसपी खत्म करने वाला कानून है।

इधर, भोपाल में रोशनपुरा चौराहे पर कांग्रेस ने धरना दिया। इसके बाद यहां चकाजाम किया जाएगा। इस दौरान पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि सरकार के इस कानून से कॉन्ट्रेक्ट फार्मिंग के लिए किसान मजबूर हो जाएगा। MP की 70% इकॉनामी कृषि पर आधारित है। बावजूद इसके प्रदेश में 20% किसानों को ही एमएसपी का फायदा मिलता है। इससे सबसे ज्यादा मध्य प्रदेश के किसान प्रभावित होंगे। कांग्रेस इस मुद़दे पर किसानों के साथ है। केंद्र सरकार तीनों बिलों को लागू कर किसानों को बर्बाद करना चाहती है। कांग्रेस ने इसके विरोध में कांग्रेस पूरे प्रदेश में चकाजाम कर रही है। धरने में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कैलाश मिश्रा भी मौजूद हैं।

कांग्रेस की आगे की रणनीति

16 जनवरी को छिंदवाड़ा में किसान सम्मेलन होगा।
20 जनवरी को मुरैना में किसान सम्मेलन।
23 जनवरी को भोपाल में राजभवन का घेराव।