शहर के भीड़भाड़ वाले नालासोपारा रेलवे स्टेशन पर बुधवार सुबह यात्रियों ने हंगामा कर दिया। यात्री बसों की कमी के चलते लोकल ट्रेन में यात्रा की अनुमति मांग रहे हैं। अब तक लोकल ट्रेन में सिर्फ जरूरी सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों को ही जानी की अनुमति मिली है।  

जानकारी के मुताबिक, हंगामा सुबह 8 बजे के आसपास हुआ। इसके चलते लोकल सेवा करीब आधे घंटे तक प्रभावित रही। फिलहाल, स्थिति सामान्य है और यात्रियों को ट्रैक से हटाकर लोकल ट्रेन सेवा को फिर से सुचारू कर दिया गया है। यात्रियों का आरोप है कि नालासोपारा बस स्टैंड से कोई भी बस नहीं चल रही है। फिलहाल इस मामले को लेकर बीएमसी या बेस्ट प्रशासन की ओर से कोई भी बयान सामने नहीं आया है। 

लोकल ट्रेन में सिर्फ इन्हें यात्रा की अनुमति 
लोकल ट्रेन में फिलहाल पुलिसकर्मी, नर्स, डॉक्टर, नगर निगम के कर्मचारी, सफाईकर्मी, नगरपालिका के अन्य कर्मचारी और पत्रकारों को ही यात्रा की अनुमति दी गई है। कोरोना से पहले सामान्य दिनों में मुंबई में करीब 2400 लोकल ट्रेनें चलती थीं। 1200 लोगों की क्षमता वाली एक लोकल ट्रेन में सिर्फ 500 से 700 लोग ही यात्रा कर रहे हैं। 

किस रूट पर कितनी ट्रेनें

पश्चिम रेलवे
पश्चिम रेलवे के चर्चगेट से दहानु रूट पर कुल 73 ट्रेनें चल रही हैं। विरार और दहानु रोड स्टेशनों के बीच 8 ट्रेनें चल रही हैं। ये लोकल ट्रेनें सुबह 5.30 बजे से रात 11.30 बजे तक चलती हैं। कुछ लोकल ट्रेनें दहानु तक चल रही हैं। चर्चगेट और बोरीवली के बीच कुछ फास्ट लोकल ट्रेन चल रही हैं।  

मध्य रेलवे
मध्य रेलवे की कुल 200 लोकल चल रही हैं। लोकल 100 अप रूट और 100 डाउन रूट पर चल रही हैं। सीएसएमटी से कसारा, कर्जत, कल्याण, ठाणे स्टेशनों के बीच 130 लोकल चल रही हैं। इनमें से 65 अप और शेष 65 डाउन लाइन पर चल रही हैं। कुछ प्रमुख स्टेशनों पर इन लोकल ट्रेन को रोका जा रहा है।

लोकल ट्रेन में यात्रा के नियम में हुआ है यह बदलाव

साधारण यात्री लोकल में यात्रा नहीं कर पाएंगे। जरूरी सेवा से जुड़े यात्रियों के लिए टिकट विंडो खोली जाएंगी।
अगर संबंधित कर्मचारी सरकारी पहचान पत्र दिखाता है तो ही उसे टिकट मिलेगा।
पासधारक टिकटों की वैधता बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। कर्मचारियों को उनके आईडी कार्ड के जरिए स्टेशनों तक जाने दिया जाएगा।
कर्मचारियों को क्यूआर कोड आधारित ई-पास जारी किए जाएंगे। यह भी चेक किया जाएगा कि जो कर्मचारी ड्यूटी के लिए आ रहा है वह कंटेंमेंट जोन में नहीं रहने वाला हो।
सोशल डिस्टेंसिंग के लिए 1200 की क्षमता वाली ट्रेन में सिर्फ 700 लोगों को जाने की इजाजत होगी। रेलवे स्टेशन क्षेत्र में 150 मीटर तक कोई फेरीवाला और कोई पार्किंग क्षेत्र नहीं होगा। प्रत्येक स्टेशन के बाहर इमरजेंसी सेवा के रूप में एम्बुलेंस तैनात होगी। लोकल ट्रेन में सफर करने के लिए आईकार्ड देखकर ही टिकट दिया जा रहा है।