मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को गोरखपुर से पूर्वांचल में चुनावी सभाओं का आगाज करेंगे। उपचुनाव में सदर लोकसभा सीट भाजपा के हाथ से निकल गई थी। इस बार सीएम गोरखपुर संसदीय क्षेत्र से ही चुनावी सभाओं की शुरूआत करेंगे। मंगलवार की सुबह 11 बजे से तारामण्डल क्षेत्र में नुमाइश ग्राऊंड पर ‘विजय संकल्प सभा’ को संबोधित करेंगे। इसमें गोरखपुर संसदीय क्षेत्र की पांच विधानसभा क्षेत्रों से लोग शामिल होंगे। 

विजय संकल्प सभा में भीड़ जुटाने के लिए भाजपा और हियुवा के पदाधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा सभी विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों को लगाया गया है। जनसभा में 10 हजार से अधिक की भीड़ जुटाई जा रही है। सभी विधानसभा क्षेत्रों से विभिन्न योजनाओं के लाभार्थी भी आमंत्रित हैं। मंगलवार को पूर्वी यूपी को साधने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले गोरखपुर और बाद में वाराणसी में सभा करेंगे। पूर्वांचल में लोकसभा की 26 सीटें हैं। इन सीटों में अधिकतर पर भाजपा और उसके सहयोगी दल का कब्जा है। उपचुनाव में 2 सीटें हारने के बाद भाजपा के लिए पूर्वी उत्तर प्रदेश का गढ़ बचाना मौजूदा समय की सबसे बड़ी चुनौती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश की वाराणसी सीट से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सांसद हैं तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के साथ ही केंद्रीय मंत्री शिवप्रताप शुक्ल और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय भी इसी अंचल से प्रतिनिधित्व करते हैं। 

केंद्र और प्रदेश सरकार की उपलब्धियां गिनाकर मांगेंगे वोट

गोरखपुर सीट पर भाजपा ने प्रत्याशी की घोषणा नहीं की है लेकिन पार्टी का चेहरा योगी आदित्यनाथ ही होंगे। सीएम यहां केंद्र  और प्रदेश सरकार की उपलब्धियां गिनाकर भाजपा के पक्ष में मतदान की अपील करेंगे। 

गोरखपुर-बस्ती मंडल की सभी 9 सीटों को दुबारा जीतना चुनौती

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गढ़ गोरखपुर ही है। यहां भाजपा के साथ योगी आदित्यनाथ का संगठन हिंदू युवा वाहिनी भी सक्रिय है। सीएम के प्रभाव में गोरखपुर और बस्ती मण्डल की सभी 9 सीटें मानी जाती हैं। 2014 के चुनाव में सभी 9 लोकसभा क्षेत्रों में भाजपा ने परचम फहराया था। यह रिकार्ड दोहराना बड़ी चुनौती है। इसके अलावा भाजपा ने विधानसभा चुनाव में भी दोनों मण्डलों की अधिकतर सीटों पर जीत हासिल की थी। मंत्री, दर्जा प्राप्त मंत्री और विभिन्न निगमों के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष व सदस्य इन दोनों मण्डलों से तकरीबन 24 की संख्या में प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। 

भाजपा हर हाल में जीतना चाहेगी गोरखपुर सीट

गोरखनाथ मंदिर के प्रभाव की सीट गोरखपुर लोकसभा सीट को भाजपा और खुद योगी आदित्यनाथ हर हाल में जीतना चाहेंगे। 27 वर्षो से यह सीट गोरक्षपीठ के पास रही है। 2017 में सीएम बनने के बाद योगी आदित्यनाथ ने इस्तीफा दिया लेकिन उप चुनाव में सपा गठबंधन जीत दर्ज करा ली।