लखनऊ । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बहराइच में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। उन्होंने बाढ़ प्रभावित लोगों से बातचीत की और राहत सामग्री का वितरण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि राहत और बचाव के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी की बाढ़ ईकाई को हर ज़िले में तैनात किया गया है। 
उन्होंने बताया कि अगर किसी की बाढ़ के पानी में डूबने या किसी हिंसक जानवर के काटने से मौत होती है तो पीड़ित परिवारों को तत्काल 4 लाख रुपए उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम लोगों ने एक-एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी को नोडल अधिकारी के तौर पर तैनात करने का निर्देश दिया है। यह अधिकारी हर जनपद में जाएंगे और अगले 4-5 दिनों तक कैंप करेंगे और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री और वहां पर चल रहे बचाव अभियानों की समीक्षा करेंगे। 
5 से 12 सितंबर तक प्रदेश के हर जनपद में स्वच्छता, सैनिटाइजेशन, शुद्ध पेय जल की आपूर्ति इत्यादि के लिए एक व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग, चिकित्सा शिक्षा विभाग, नगर विकास, ग्रामीण विकास और पंचायती राज, महिला और बाल विकास को विशेष रूप से जिम्मेदारी दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के भीतर बाढ़ की स्थिति नियंत्रण में हैं। आपको बता दें कि मुख्यमंत्री 3 दिनों तक बाढ़ प्रभावित इलाकों से जुड़े कार्यक्रम करेंगे। उन्होंने बताया कि बाढ़ बचाव के लिए हम लोगों ने पहले ही जल शक्ति मंत्रालय की तरह से जो कार्य योजना बनाई थी वो लगभग पूर्णत: की ओर है।