गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज अपनी कर्मस्थली गोरखपुर में महायोगी गोरखनाथ कृषि विज्ञान केंद्र के प्रशासनिक भवन का लोकार्पण किया। इसके बाद उन्होंने वहां पर किसानों को संबोधित किया।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश तथा प्रदेश में पहले की सरकारों का हमारे अन्नदाता किसान के साथ काफी उपेक्षात्मक व्यवहार किया था। पूर्ववर्ती सरकारों की उपेक्षात्मक रवैये के कारण ही हमारी सरकार को राज्य के साथ ही केंद्र में भी किसानों के लिए कर्जमाफी की योजना लानी पड़ी। लघु और सीमांत किसानों के दस हजार तक के कर्ज माफ करने पड़े। इसका असली कारण यह है कि किसानों को न तो समय से बीज मिलता था और न ही खाद। सरकार की अन्य सुविधाओं का लाभ भी किसानों को नहीं मिल पाता था। हर जगह कागजों पर बिल बने जाते थे। किसान हर प्रकार से उपेक्षित पड़ा हुआ था। किसी किसान को उपज का सही मूल्य भी नहीं मिल पाता था। सरकार से मिलने वाला अनुदान भी उसे नहीं मिल पाता था।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीपीगंज के चौक माफी में कहा कि केंद्र सरकार ने प्रदेश में 20 कृषि विज्ञान केंद्र खोलने की मंजूरी प्रदान की थी लेकिन इसके लिए जमीन उपलब्ध न होने की वजह से यह संभव नहीं हो सका। यदि पहले ही यह कार्य किया गया होता तो आज हर किसान का जीवन खुशहाल होता और वह उन्नति की राह पर अग्रसर होते।

उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के एजेंडे में अगर किसान और उनका विकास होता तो वह कृषि विज्ञान केंद्र के कार्य को लटकाती नहीं। दो वर्ष में हमारी सरकार ने जिस तेजी से विज्ञान केंद्रों को स्थापित किया है उससे जल्द ही किसानों के जीवन में आमूलचूल परिवर्तन दिखने लगेगा। किसान को सही तकनीक, सही बीज और सही मार्गदर्शन मिल जाए तो कोई कारण नहीं कि खेती-बाड़ी किसान की खुशहाली का आधार ना बने।


फरियादियो से मिले सीएम योगी, सुनी समस्या

दो दिनी दौरे पर कल शाम गोरखपुर पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ ने आज सुबह गोरखनाथ मंदिर में अपने कार्यालय में जनता दरबार लगाया। इस दौरान वह गोरखपुर व आसपास के जिलों से आए करीब 200 फरियादियो से मिले और उनकी समस्याएं सुनीं। समस्या सुनने के दौरान उन्होंने फरियादियों को समाधान के लिए आश्वस्त किया, साथ ही इस बाबत अधिकारियों को निर्देश भी देते रहे।