नई दिल्ली । पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि कांग्रेस नेताओं द्वारा अपने कुप्रबंधन को छिपाने के लिए स्पष्ट झूठ बोला जा रहा है। पार्टी के पंजाब प्रभारी हरीश रावत और वरिष्ठ नेता रणदीप सुरजेवाला द्वारा साझा किए गए कांग्रेस हाईकमान के उनके (अमरिंदर सिंह) खिलाफ आत्मविश्वास की कमी व्यक्त करने वाले एक कथित पत्र को अमरिंदर सिंह ने झूठ का पुलिंदा करार दिया।
अमरिंदर सिंह की टिप्पणी सुरजेवाला के उस दावे के बाद आई है जिसमें कहा गया है कि पंजाब कांग्रेस के 79 विधायकों में से 78 ने पार्टी नेतृत्व को पत्र लिखकर अमरिंदर सिंह को हटाने की मांग की थी। अमरिंदर सिंह ने एक बयान में कहा, दिलचस्प बात यह है कि एक दिन पहले ही हरीश रावत ने एक प्रेस बयान में कहा था कि 43 विधायकों ने इस मुद्दे पर आलाकमान को पत्र लिखा है।
उन्होंने कहा, "ऐसा लगता है कि पूरी पार्टी नवजोत सिंह सिद्धू की कॉमिक थियेट्रिक्स की भावना से प्रभावित हो गई है।" आगे वे दावा करेंगे कि 117 विधायकों ने उन्हें मेरे खिलाफ पत्र लिखा है।
कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा, "पार्टी में यह स्थिति है। वे अपने झूठ का ठीक से समन्वय भी नहीं कर सकते हैं।" पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का पार्टी के कामकाज से पूरी तरह मोहभंग हो गया है।
अमरिंदर सिंह ने कहा, "मामले की सच्चाई यह थी कि उक्त पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले 43 विधायकों को दबाव में ऐसा करने के लिए मजबूर किया गया था।