इस्‍लामाबाद । भारतीय वायुसेना में एस-400 एयर डिफेंस सिस्‍टम के शामिल होने से पहले पाकिस्‍तान की सेना ने चीन निर्मित एयर डिफेंस सिस्‍टम को अपनी सेना में शामिल किया है। पाकिस्‍तान ने दावा किया है कि चीनी एयर डिफेंस सिस्‍टम लंबी दूरी तक सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों से लैस है जो 100 किमी तक फाइटर जेट, क्रूज मिसाइलों और अन्‍य हथियारों को एक वार से तबाह करने में सक्षम है।
पाक सेना के प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने बताया कि चीन निर्मित हाई टू मिडियम एयर डिफेंस सिस्‍टम को एयर डिफेंस सिस्‍टम में शामिल किया। पाक सेना की ओर से जारी आध‍िकारिक बयान में कहा गया है कि इस एयर डिफेंस सिस्‍टम के शामिल होने से अब पाकिस्‍तान की हवाई सुरक्षा मजबूत हो गई है। उसने कहा कि यह एयर डिफेंस सिस्‍टम एक साथ कई लक्ष्‍यों को इंटरसेप्‍ट कर सकता है।
करीब 100 किमी की दूरी तक आंखों से नहीं दिखाई देने वाले लक्ष्‍यों को भी निशाना बनाया जा सकता है। पाक सेना ने अनुसार उभरते हुए खतरों के बीच इस एयर‍ डिफेंस सिस्‍टम के शामिल होने से हवाई सुरक्षा अभेद्य हो गई है। पाकिस्‍तानी सेना प्रमुख ने बताया कि चीन और पाक के बीच रक्षा और रणनीतिक भागीदारी इलाके में स्थिरता का एक बड़ा फैक्‍टर है।  
पाक विशेषज्ञों ने बताया कि इस एयर डिफेंस सिस्‍टम की रेंज में लगभग पूरा जम्‍मू-कश्‍मीर आता है। यह पाकिस्‍तान की सेना में शामिल हुआ सबसे आधुनिक एयर डिफेंस सिस्‍टम है। इसका इस्‍तेमाल तटीय सुरक्षा के लिए भी किया जा सकता है। इसे रेल या हवाई रास्‍ते से कहीं भी ले जाया जा सकता है। पाक सेना में यह एयर डिफेंस सिस्‍टम ऐसे समय में शामिल हुआ है जब भारत को नवंबर महीने में एस-400 एयर डिफेंस सिस्‍टम रूस से मिलने जा रहा है।
पाक विशेषज्ञ कुछ भी कहें लेकिन अभी दुनिया में सबसे बढ़‍िया एयर डिफेंस सिस्‍टम रूस में बना एस-400 ही है। एस-400 को रूस का सबसे एडवांस लॉन्ग रेंज सर्फेस-टु-एयर मिसाइल डिफेंस सिस्टम माना जाता है। यह दुश्मन के क्रूज, एयरक्राफ्ट और बलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम है। यह सिस्टम रूस के ही S-300 का अपग्रेडेड वर्जन है। इस मिसाइल सिस्टम को अल्माज-आंते ने तैयार किया है, जो रूस में 2007 के बाद से ही सेवा में है। यह एक ही राउंड में 36 वार करने में सक्षम है।