प्रत्येक लाड़ली लक्ष्मी की देश-विदेश में उच्च शिक्षा की फीस भरेगी सरकार
संविदाकर्मी महिलाओं को भी मिलेगा 180 दिन का प्रसूति अवकाश
100 करोड़ की लागत से नारी सम्मान कोष स्थापित होगा
ठेकेदार महिलाओं का नि:शुल्क होगा रजिस्ट्रेशन


भोपाल : मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर यह रस्म अदायगी नहीं है। नारी उत्थान। मेरी जिन्दगी का मिशन है मुख्यमंत्री श्री चौहान ने यह बात आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर भोपाल के लाल परेड ग्राउण्ड पर महिला सशक्तिकरण पर आयोजित कार्यक्रम 'नारी तू नारायणी' में कही। उन्होंने कहा कि दुनिया का कोई काम ऐसा नहीं है जो नारी न कर सके। मुख्यमंत्री ने आज महिलाओं, विशेष रूप से महिला स्व-सहायता समूह के लिए सौगातों की झड़ी लगा दी। मुख्यमंत्री ने हाथ जोड़कर सभी महिलाओं का अभिवादन किया। जनजातीय कार्य विभाग मंत्री सुश्री मीना सिंह, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री सुश्री उषा ठाकुर और पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री रामखेलावन पटेल भी उपस्थित थे।

 

स्व-सहायता समूहों को 4 की जगह 2 प्रतिशत ब्याज पर मिलेगा ऋण

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आज स्व-सहायता समूहों के खातों में 200 करोड़ रूपये डाले गए हैं। अब हर माह इनके खाते में 150 करोड़ रूपये डाले जाते रहेंगे। उन्होंने स्व-सहायता समूहों की प्रशंसा करते हुए कहा कि समूह ऋण का एक-एक रूपया बैंकों को वापस चुकाते हैं। अब स्व-सहायता समूहों को 4 प्रतिशत ब्याज की जगह 2 प्रतिशत ब्याज पर ऋण दिया जाएगा, बाकी ब्याज सरकार वहन करेगी।

 

देश-विदेश में लाड़ली लक्ष्मी की उच्च शिक्षा का खर्च वहन करेगी सरकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं के मान-सम्मान बढ़ाने के प्रयास होंगे। कक्षा 9वीं, 10वीं और 11वीं के बच्चों के लिए उमंग कार्यक्रम लागू होगा। इसमें लड़कों को लड़कियों के प्रति इज्जत देने के संस्कार दिए जाएंगे। पुरूष प्रधान मानसिकता को बदलने के लिए प्रेरित किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा आज प्रदेश में 38 लाख लाड़ली लक्ष्मी हैं। आई.आई.टी., आई.आई.एम, डॉक्टरी, इंजीनियरिंग सहित देश-विदेश में इनकी उच्च शिक्षा की फीस सरकार वहन करेगी। सौ करोड़ रूपये की लागत से नारी सम्मान कोष स्थापित होगा। छात्राओं की कॅरियर काउंसलिंग होगी।

 

घर की महिला सदस्यों के नाम रजिस्ट्रेशन पर मिलेगी 2 प्रतिशत की छूट

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि जमीन में पति के साथ पत्नी का नाम जोड़ना जरूरी होगा। उन्होंने कहा कि नई सम्पत्ति बहन, माँ, बेटी, पत्नी के नाम पर खरीदने पर रजिस्ट्रेशन में दो प्रतिशत की छूट दी जाएगी। आवास योजनाओं में पति-पत्नी दोनों का नाम होगा। चाबी संयुक्त रूप से दी जाएगी।

 

संविदाकर्मी महिलाओं को मिलेगा 180 दिन का प्रसूति अवकाश

प्रदेश के सभी जिला चिकित्सालयों और मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अस्पतालों में वूमेन हेल्प डेस्क अलग से खोली जाएगी। संविदा कर्मी महिलाओं को भी अब 180 दिन का प्रसूति अवकाश मिलेगा। संबल योजना की लाभार्थी महिलाओं को दो बच्चों के जन्म पर प्रसव के पहले 4 हजार रूपए और जन्म के बाद 12 हजार यानी 16 हजार रूपए दिए जाएंगे ताकि जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ रहें। श्री चौहान ने कहा कि ऐसे गाँवों को विकास के लिए 2 लाख रूपए की राशि पुरस्कार स्वरूप दी जाएगी, जहाँ बेटे और बेटी की संख्या लगातार तीन वर्ष बराबर रहती है। सभी जिलों में महिला थाना सुनिश्चित किए जाएंगे। प्रदेश के 1600 स्वास्थ्य केन्द्र आधुनिक केन्द्र बनेंगे। प्रसूति सुविधाओं का विस्तार होगा। नगरीय निकायों में कार्यरत अस्थाई महिला सफाई कर्मियों को भी सप्ताह में एक दिन का अवकाश‍ मिलेगा।

 

गाँव के हर घर पहुँचेगा नल-जल

मुख्यमंत्री ने कहा आने वाले तीन सालों में हर गाँव के हर घर में नल-जल मिलेगा। इस साल बजट में 6 हजार करोड़ रूपये का प्रावधान किया जाकर 26 लाख घरों में नल-जल देने का लक्ष्य है। केन्द्र सरकार से भी राशि मिलेगी। तीन वर्ष में एक करोड़ 3 लाख घरों में नल-जल सुविधा पहुँचाने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पंचायतों में नारी अदालत स्थापित होगी। इससे परिवारों में होने वाले छोटे-मोटे झगड़े थाने और अदालत तक न पहुँचकर घर पर ही सुलझ जाएंगे।

 

बेटियों को बरगलाने वालों को मिलेगा आजीवन कारावास

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि विधानसभा में धर्म स्वातंत्र्य विधेयक प्रस्तुत किया गया है। डरा, धमकाकर, बहला-फुसलाकर बेटियों को बरगलाने वाले अपराधियों को आजीवन कारावास की सजा मिलेगी। उन्होंने मध्यप्रदेश पुलिस की प्रशंसा करते हुए कहा कि पुलिस ने ऐसी 9 हजार लापता बेटियों को ढूँढ निकाला है। श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने न केवल दुराचार करने वाले अपराधियों को फाँसी की सजा का प्रावधान किया बल्कि अब तक 72 ऐसे नर पिशाचों को फाँसी दी जा चुकी है। श्री चौहान ने सर्वोच्च न्यायालय से अपील करते हुए कहा कि अक्सर निम्न स्तरीय अदालत से होते हुए सर्वोच्च अदालत तक पहुँचने में बहुत विलंब हो जाता है इसलिए जल्द से जल्द सुनवाई के नए दिशा-निर्देश जारी किए जाए, ताकि फैसला जल्दी हो।

 

स्व-सहायता समूहों को मिलेंगी अनेक महत्वपूर्ण कार्यों में जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि गेहूँ और अन्य फसलों की खरीदी भी अब महिला स्व-सहायता समूह करेंगे, जिसमें उनको कमीशन मिलेगा। उन्होंने कहा कि मध्यान्ह भोजन में प्रयुक्त तेल, मसाले आदि की खरीदी भी महिला स्व-सहायता समूह से की जाएगी। पंचायत स्तर पर होने वाले सर्वेक्षणों में महिला स्व-सहायता समूहों को शामिल किया जाएगा। मनरेगा के तहत 50 प्रतिशत मेट महिला स्व-सहायता समूह की सदस्य होंगी। अभी यह 23 प्रतिशत है। शासकीय स्कूलों के बच्चों की यूनिफार्म महिला स्व-सहायता समूह ही सिलेंगे। श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने लोकल को वोकल बनाने की बात कही है। प्रदेश में स्व-सहायता समूहों के माध्यम से लोकल को वोकल बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने 10 महिला समूहों से जीवंत संवाद भी किया।

 

नशा मुक्ति अभियान में स्व-सहायता समूह जुड़ेंगे

प्रदेश को अभियान चलाकर नशा मुक्त बनाया जाएगा। इसमें महिला स्व-सहायता समूहों की सशक्त भागीदारी होगी। पूर्ण रूप से नशा मुक्त पंचायतों को पुरस्कृत करने के साथ अलग से विकास के लिए राशि भी दी जाएगी। आत्म-रक्षा के लिए बेटियों के लिए आज से अपराजिता कार्यक्रम लागू किया गया है। इसमें प्रदेश की 23 हजार छात्राओं को मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग दी जाएगी।

 

उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं की रही उपस्थिति

मंच पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं की भी उपस्थिति रही। इनमें पदमश्री भूरी बाई, सीधी बस दुर्घटना में साहस का परिचय देकर कई लोगों की जान बचाने वाली सुश्री शिवरानी, डॉ. गीता रानी गुप्ता, सुश्री कंचन वर्मा, सुश्री द्रोपदी चौकसे, सुश्री ज्योति गौर, सुश्री मनीषा कीर, सुश्री रेवती पटेल, सुश्री अनादी, सुश्री पूनम श्रोती शामिल हैं।कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कन्या पूजन से किया। संस्कृति एवं आध्यात्म मंत्री सुश्री उषा ठाकुर ने स्वागत भाषण और जनजातीय कार्य विभाग मंत्री सुश्री मीना सिंह ने आभार प्रकट किया। इस अवसर पर स्व-सहायता समूह पर आधारित फिल्म का प्रदर्शन किया गया। प्रदेश के अधिकांश जिलों के स्व-सहायता समूह वर्चुअली कार्यक्रम से जुड़े थे, जिनसे मुख्यमंत्री ने संवाद भी किया।

 

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा की गई घोषणाएँ

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि विश्व में कोई काम ऐसा नहीं है जो महिलाएँ न कर सकें। आज मेरे साथ सुबह से लेकर पूरे दिन वाहन चालन, सुरक्षा, प्रशासन, प्रचार-प्रसार सभी विधाओं में महिलाओं ने काम किया। उन्होंने इस अवसर पर अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएँ की।

सभी लाड़ली लक्ष्मी की देश-विदेश में होने वाली उच्च शिक्षा का भार राज्य शासन वहन करेगा।

स्व-सहायता समूहों के खातों में हर माह 150 करोड़ डाले जाएंगे।

महिला स्व-सहायता समूहों को 04 प्रतिशत ब्याज पर दिया जाने वाला ऋण अब 02 प्रतिशत पर मिलेगा। शेष ब्याज शासन वहन करेगा।

संविदाकर्मी महिलाओं को भी अब 180 दिन का प्रसूति अवकाश मिलेगा।

नगरीय निकायों में कार्यरत अस्थाई महिला सफाई कर्मियों को सप्ताह में एक दिन का अवकाश मिलेगा।

मध्यप्रदेश में 100 करोड़ की लागत से नारी सम्मान कोष बनाया जाएगा।

बेटियों को ड्राइविंग का नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा।

भूमि स्वामित्व में पति के साथ पत्नी का भी नाम होगा।

प्रधानमंत्री आवास समेत जितनी भी योजनाओं के तहत मकान बनेंगे, उनके दस्तावेज महिला के नाम पर भी होंगे। चाबी भी संयुक्त रूप से दी जाएगी।

महिला के नाम पर नई सम्पत्ति खरीदने पर रजिस्ट्री में 2 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।

ठेकेदारी करने पर महिलाओं का पंजीयन नि:शुल्क होगा।

स्कूल ड्रेस बनाने का काम महिला स्व-सहायता समूह की बहनें करेंगी।

गेहूँ, फसल आदि खरीदी के काम भी स्व-सहायता समूह की महिलाएँ करेंगी।

पंचायत स्तर पर होने वाले सर्वे में भी महिला स्व-सहायता समूह को शामिल किया जाएगा।

सरकारी अस्पतालों में वूमेन हेल्प डेस्क बनेगी।

बेटियों के‍ लिए करियर काउंसलिंग की जाएगी।

चिन्हित आई.टी.आई. में महिलाओं को गाड़ी चलाने का नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा।

जिला स्तर पर शासकीय परिसर में कैंटीन चलाने का कार्य भी महिला स्व-सहायता समूह करेंगी।

उज्जैन और सागर जिले में महिला स्वास्थ्य सेवा से संबंधित प्रशिक्षण के लिए स्किल लैब्स की स्थापना की जाएगी।

प्रदेश के 1600 स्वास्थ्य केन्द्रों को आधुनिक प्रसव केन्द्रों के रूप में परिवर्तित किया जाएगा।

जिस गाँव में 3 साल तक बेटी-बेटे का समान संख्या में जन्म होगा, उस गाँव के विकास के लिए 2 लाख रूपये की सहायता अलग से दी जाएगी।

प्रदेश के हर जिले में महिला थाने खोले जाएंगे।

अगले तीन सालों में प्रदेश के हर गाँव में हर घर में नल-जल होगा।

कक्षा 09वीं, 10वीं और 11वीं के छात्रों को महिलाओं की इज्जत करने के संस्कार दिए जाएंगे।

मध्यान्ह भोजन के लिए तेल, मसाले आदि की खरीदी महिला स्व-सहायता समूहों से की जाएगी।

नशा मुक्ति अभियान में स्व-सहायता समूहों को भी शामिल किया जाएगा।

नशा मुक्त पंचायत को पुरस्कृत करने के साथ विकास के लिए अधिक धनराशि मिलेगी।

नशा मुक्ति कार्यक्रम में स्थानीय महिला स्व-सहायता समूह, शौर्या दल आदि की भागीदारी भी होगी।

आत्म-रक्षा के लिए प्रदेश की 23 हजार बेटियों को मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग दी जाएगी।